अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले और पांच सौ वर्षों के संघर्ष में बलिदान हुए रामभक्तों की स्मृति अब राम मंदिर परिसर में स्थायी रूप से संजोई जाएगी। रामजन्मभूमि परिसर में बनाया गया हुतात्मा स्मारक स्तंभ पूरी तरह तैयार हो गया है और अब इसके लोकार्पण की तैयारी है। यह स्मारक मंदिर आंदोलन और राम मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष एवं बलिदान करने वाले रामभक्तों की स्मृति को समर्पित रहेगा।
लाल ग्रेनाइट से निर्मित इस विशाल स्मारक स्तंभ की ऊंचाई 16 मीटर है, जबकि इसकी गोलाई चार फीट बताई गई है। धरती से जुड़े आधार वाले हिस्से की गोलाई करीब साढ़े चार फीट है। स्मारक को रामजन्मभूमि परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पांच सौ वर्षों के संघर्ष और उससे जुड़े बलिदानों की स्मृति के रूप में विकसित किया गया है।
शिखर पर स्थापित है तीर्थ क्षेत्र का ब्रांज लोगो
स्मारक स्तंभ के शीर्ष पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का ब्रांज लोगो स्थापित किया गया है। इसकी ऊंचाई 10 फीट छह इंच और गोलाई आठ फीट छह इंच बताई गई है। इससे स्मारक का स्वरूप और पहचान और अधिक स्पष्ट हो गई है। अगस्त में ही इस लोगो को स्मारक के शीर्ष पर स्थापित किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
रात में भी दूर से दिखाई देगा स्मारक
हुतात्मा स्मारक को आकर्षक स्वरूप देने के साथ रात में दूर से भी स्पष्ट दिखाई देने के लिए विद्युत प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रकाश व्यवस्था के बाद यह स्मारक राम मंदिर परिसर की प्रमुख संरचनाओं में दिखाई देगा।
कारसेवकों की स्मृति को समर्पित
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने पहले बताया था कि यह स्मारक विशेष रूप से राम मंदिर आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले कारसेवकों की स्मृति से जुड़ा है। स्मारक के जरिए आंदोलन, संघर्ष और बलिदान की स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का उद्देश्य है।
सितंबर में निर्माण समिति की ओर से स्मारक के अंतिम चरण के कार्यों का निरीक्षण भी किया गया था। उस समय निर्माण लगभग पूरा होने की जानकारी सामने आई थी। अब ताजा रिपोर्ट के अनुसार स्मारक पूरी तरह तैयार है और जल्द ही इसका लोकार्पण किया जाएगा।
रामजन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण के साथ उन स्मृतियों को भी स्थायी स्वरूप दिया जा रहा है, जो राम मंदिर आंदोलन और उससे जुड़े लंबे संघर्ष के इतिहास का हिस्सा हैं। हुतात्मा स्मारक इसी क्रम में परिसर की महत्वपूर्ण संरचनाओं में शामिल हो गया है।