बाराबंकी। लगातार बारिश और तेज हवाओं ने बाराबंकी में भारी नुकसान पहुंचाया है। 25 और 26 सितंबर को प्रतिकूल मौसम के कारण जिले के अलग-अलग हिस्सों में पेड़ गिरने, मकान क्षतिग्रस्त होने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने के साथ जनहानि की घटनाएं भी हुईं। जिला प्रशासन के मुताबिक दो दिनों में 217 पेड़ गिरे, 55 मकान क्षतिग्रस्त हुए, पांच पशुहानि और तीन जनहानि दर्ज की गई है। हादसों में आठ लोग घायल हुए हैं। जनहानि की घटनाएं रामसनेहीघाट, रामनगर और फतेहपुर तहसील क्षेत्रों में हुई हैं।
बारिश और तेज हवा से हुए हादसों में पेड़ और दीवार गिरने की घटनाओं में तीन लोगों की मौत की स्वतंत्र रिपोर्टिंग भी सामने आई है। इनमें एक दूध कारोबारी के पेड़ की चपेट में आने और अन्य घटनाओं में पेड़ व दीवार गिरने की जानकारी सामने आई है।
217 पेड़ गिरे, सभी को रास्तों से हटाया गया
तेज हवाओं के कारण जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पेड़ और उनकी शाखाएं सड़कों पर गिर गईं। इससे कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित हुआ। जिला प्रशासन के निर्देश पर संबंधित विभागों और स्थानीय टीमों ने तत्काल राहत एवं बहाली का काम शुरू किया।
प्रशासन के अनुसार गिरे सभी 217 पेड़ों को मार्गों से हटवा दिया गया है। इसके बाद प्रभावित रास्तों पर आवागमन को सामान्य कराया गया। कई स्थानों पर बिजली लाइनों के ऊपर पेड़ और डालियां गिरने से विद्युत आपूर्ति भी बाधित हुई।
55 मकान क्षतिग्रस्त, सर्वे पूरा
प्रतिकूल मौसम के दौरान जिले में 55 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना दर्ज की गई है। इसके अलावा पांच पशुहानि और तीन जनहानि हुई है, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति का सर्वे पूरा कर लिया गया है। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अहेतुक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित तहसीलों से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
बारिश के दौरान रामनगर और मसौली क्षेत्रों में भी पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। रामनगर में पेड़ गिरने से एक मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हुई और 10 वर्षीय बालक घायल हुआ, जबकि मसौली क्षेत्र में पेड़ गिरने से एक मवेशी की मौत की सूचना मिली।
210 बिजली पोल क्षतिग्रस्त, बहाली का काम जारी
तेज हवाओं और बारिश का असर जिले की विद्युत व्यवस्था पर भी पड़ा है। प्रशासन के अनुसार 210 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके साथ ही कई स्थानों पर विद्युत लाइनें भी प्रभावित हुईं।
विद्युत विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर टूटे पोल और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में जुटी हैं। विभागीय कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सेवाओं और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार लगातार बारिश, पेड़ गिरने और तार टूटने के कारण जिले के बड़ी संख्या में गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। एक रिपोर्ट में करीब 750 गांवों में बिजली संकट की बात सामने आई थी।
फसल क्षति का भी होगा आकलन
बारिश और तेज हवा के कारण किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। विशेष रूप से धान की खड़ी फसल गिरने से किसानों को नुकसान की चिंता बढ़ी है।
जिला प्रशासन ने फसल क्षति का आकलन कराने के लिए राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को मौके पर जाकर फसलों की स्थिति का स्थलीय सर्वे करने और नुकसान का नियमानुसार अभिलेखीकरण करने को कहा गया है।
सर्वे के आधार पर पात्र किसानों को शासन की निर्धारित व्यवस्था के तहत अनुमन्य सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रभावित इलाकों में राहत और बहाली पर जोर
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व निरंकार सिंह ने बताया कि प्रतिकूल मौसम से प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने तत्काल राहत और बहाली की कार्रवाई शुरू कराई। जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति का सर्वे पूरा किया जा चुका है तथा पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अहेतुक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया संबंधित तहसीलों में चल रही है।
उन्होंने बताया कि मार्गों पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटाकर आवागमन बहाल कराया गया है। वहीं विद्युत विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त पोल और लाइनों की मरम्मत का काम तेजी से कराया जा रहा है।
प्रशासन की नजर जनसुरक्षा और आवश्यक सेवाओं पर
जिला प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों और किसानों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के साथ ही जनसुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को जल्द सामान्य करना प्राथमिकता है। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
टूटे बिजली तार और पोल से दूर रहने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से प्रतिकूल मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। क्षतिग्रस्त बिजली पोल, टूटे तार और बिजली लाइनों के आसपास नहीं जाने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है।
आपातकालीन सहायता के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष: 05248-226017, 9454418880