बस्ती/हर्रैया। राम मंदिर पर की गई एक टिप्पणी को लेकर शनिवार को बस्ती जनपद के कप्तानगंज कस्बे में तनाव ने विकराल रूप धारण कर लिया। कथित पुलिस दुर्व्यवहार से आक्रोशित कांवरियों ने जमकर उपद्रव मचाया। देखते ही देखते कांवरियों की भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम पर हमला बोलते हुए थाने की सरकारी जीप पर पथराव कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। सूत्रों के अनुसार, विवाद की शुरुआत राम मंदिर संबंधी एक विवादास्पद टिप्पणी से हुई, जिस पर स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया बढ़ती गई। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस टीम के रवैए से कांवरिये भड़क उठे। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और भीड़ ने ‘पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए लाठी-डंडों से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के होर्डिंग फाड़ दिए। गुस्साई भीड़ ने बैरिकेडिंग में भी आग लगा दी, जिससे कस्बे में करीब चार घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल उच्चाधिकारियों को मौके पर भेजा। एडीएम सदर प्रतिपाल सिंह चौहान, एडिशनल एसपी ओमप्रकाश सिंह, एसडीएम हर्रैया उमाकांत तिवारी और सीओ हर्रैया संजय सिंह मौके पर पहुंचे। हालांकि, आक्रोशित कांवरियों को शांत करना अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने हस्तक्षेप किया और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के बाद कांवरियों को विधिक कार्रवाई के आश्वासन के साथ शांत कराया गया। इसके उपरांत कांवरियों ने पुनः अपनी यात्रा आरंभ की, जिससे प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अभिनंदन स्वयं मौके पर पहुंचे और कांवरियों से संवाद स्थापित कर शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “अब सभी कांवरिये शांतिपूर्वक और संयम के साथ यात्रा जारी रखे हुए हैं। कानून व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में है।”प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।बस्ती/हर्रैया। राम मंदिर पर की गई एक टिप्पणी को लेकर शनिवार को बस्ती जनपद के कप्तानगंज कस्बे में तनाव ने विकराल रूप धारण कर लिया। कथित पुलिस दुर्व्यवहार से आक्रोशित कांवरियों ने जमकर उपद्रव मचाया। देखते ही देखते कांवरियों की भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम पर हमला बोलते हुए थाने की सरकारी जीप पर पथराव कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। सूत्रों के अनुसार, विवाद की शुरुआत राम मंदिर संबंधी एक विवादास्पद टिप्पणी से हुई, जिस पर स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया बढ़ती गई। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस टीम के रवैए से कांवरिये भड़क उठे। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और भीड़ ने ‘पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए लाठी-डंडों से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के होर्डिंग फाड़ दिए। गुस्साई भीड़ ने बैरिकेडिंग में भी आग लगा दी, जिससे कस्बे में करीब चार घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल उच्चाधिकारियों को मौके पर भेजा। एडीएम सदर प्रतिपाल सिंह चौहान, एडिशनल एसपी ओमप्रकाश सिंह, एसडीएम हर्रैया उमाकांत तिवारी और सीओ हर्रैया संजय सिंह मौके पर पहुंचे। हालांकि, आक्रोशित कांवरियों को शांत करना अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने हस्तक्षेप किया और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के बाद कांवरियों को विधिक कार्रवाई के आश्वासन के साथ शांत कराया गया। इसके उपरांत कांवरियों ने पुनः अपनी यात्रा आरंभ की, जिससे प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अभिनंदन स्वयं मौके पर पहुंचे और कांवरियों से संवाद स्थापित कर शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “अब सभी कांवरिये शांतिपूर्वक और संयम के साथ यात्रा जारी रखे हुए हैं। कानून व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में है।”प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।