नई दिल्ली। यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और रेल परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे ने 14109/14110 चित्रकूटधाम कर्वी-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस और 14123/14124 मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस के विलय को मंजूरी दी है। विलय के बाद यह सेवा 14123/14124 मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-चित्रकूटधाम कर्वी एक्सप्रेस के रूप में संचालित होगी। इस फैसले से प्रतापगढ़, कानपुर सेंट्रल और चित्रकूटधाम कर्वी के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही लखनऊ क्षेत्र और चित्रकूट के बीच आवागमन भी आसान होगा। यात्रियों को अब कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
24 कोच की होगी ट्रेन, दोगुनी होगी यात्री क्षमता
विलय के बाद नई संयुक्त ट्रेन की कोच संरचना को मौजूदा 12 कोच से बढ़ाकर 24 कोच किया जाएगा। इससे ट्रेन की यात्री क्षमता करीब दोगुनी हो जाएगी। खासकर कानपुर-प्रतापगढ़ रेलखंड पर यात्रियों की बढ़ती संख्या और भीड़ को देखते हुए यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई व्यवस्था से कानपुर, बांदा, चित्रकूट, प्रतापगढ़ सहित मार्ग में आने वाले प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी।
चित्रकूट और लखनऊ क्षेत्र के बीच सीधा रेल संपर्क
नई संयुक्त रेल सेवा से चित्रकूट और लखनऊ-प्रतापगढ़ क्षेत्र के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसका लाभ तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यात्रा करने वाले लोगों को मिलेगा। यह ट्रेन मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़, चिलबिला, मां चंद्रिका देवी धाम अंतू, अमेठी, गौरीगंज, जायस, फुरसतगंज, रायबरेली, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, हमीरपुर रोड, बांदा, अतर्रा और चित्रकूटधाम कर्वी सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ेगी।
अवध और बुंदेलखंड के बीच मजबूत होगा रेल संपर्क
भारतीय रेलवे के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के अवध और बुंदेलखंड क्षेत्र के बीच सुगम रेल गलियारा विकसित होने की उम्मीद है। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चित्रकूट तक पहुंच भी आसान होगी। नई सेवा के जरिए चित्रकूट को सीधे लखनऊ और प्रतापगढ़ से जोड़ने में मदद मिलेगी। वहीं 12 से 24 कोच किए जाने से अधिक यात्रियों को एक ही ट्रेन में यात्रा की सुविधा मिलेगी और उपलब्ध रेल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
तीर्थ और पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
चित्रकूट देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। नई सीधी रेल सेवा से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को चित्रकूट पहुंचने में सुविधा होगी। वहीं प्रतापगढ़ और लखनऊ क्षेत्र से चित्रकूट आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। रेलवे के इस फैसले से यात्री सुविधा, धार्मिक पर्यटन, रोजगार, व्यापार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।