चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को चेन्नई के पुझल इलाके में अचानक निरीक्षण कर प्रशासनिक और पुलिस महकमे को चौंका दिया। मुख्यमंत्री पहले पुझल सेंट्रल जेल पहुंचे और वहां कैदियों की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, भोजन, चिकित्सा सेवाओं और पुनर्वास से जुड़े इंतजामों का जायजा लिया। इसके बाद उनका काफिला सीधे M-3 पुझल पुलिस स्टेशन पहुंच गया।
मुख्यमंत्री के अचानक जेल और पुलिस स्टेशन पहुंचने की खबर से स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों में हलचल बढ़ गई। पुझल थाने में मुख्यमंत्री ने पुलिस इंस्पेक्टर से थाने की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने थाने के विभिन्न हिस्सों, रिकॉर्ड और लॉकअप समेत व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
SHO को सामने बैठाकर पूछे सवाल, थाने की व्यवस्था परखी
पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारी से थाने के कामकाज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि शिकायत लेकर आने वाले आम लोगों के साथ किस तरह व्यवहार किया जाता है। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि थाने में आने वाले लोगों को जरूरी सुविधाएं मिलें और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए। उन्होंने थाने के कंप्यूटर सिस्टम, CCTV निगरानी, रिकॉर्ड और लॉकअप की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री के इस औचक निरीक्षण को पुलिस व्यवस्था की जमीनी स्थिति परखने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
जेल में भी पहुंचे CM विजय, कैदियों से पूछा हाल
पुलिस स्टेशन से पहले मुख्यमंत्री ने पुझल सेंट्रल जेल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने महिला जेल परिसर के साथ विचाराधीन और सजायाफ्ता कैदियों के वार्डों का जायजा लिया। जेल की रसोई में पहुंचकर कैदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई भी देखी। इसके अलावा जेल अस्पताल, क्वारंटाइन क्षेत्र और नशामुक्ति पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कैदियों से उनकी जरूरतों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने जेल अधिकारियों से शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और पुनर्वास के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। जेल में पुस्तकालय का निरीक्षण करते हुए कैदियों के लिए पर्याप्त संख्या में किताबें उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
‘सजा से ज्यादा जरूरी सुधार’, पुनर्वास पर CM का जोर
मुख्यमंत्री विजय ने जेल व्यवस्था में केवल दंड के बजाय सुधार और पुनर्वास को महत्व देने की बात कही। उन्होंने कैदियों को शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण से जोड़ने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। जेल के दौरान मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर रिश्वतखोरी, अवैध मोबाइल फोन के इस्तेमाल और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने से जुड़े सुरक्षा उपायों पर भी अधिकारियों से जानकारी ली। साथ ही हिरासत में होने वाली मौतों और कैदियों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों की समीक्षा की।
‘नायक’ वाले अंदाज की चर्चा, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दौरा
मुख्यमंत्री के अचानक जेल और पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर उनके इस अंदाज की खूब चर्चा हो रही है। कई यूजर्स इसे फिल्मी अंदाज में ‘सरप्राइज इंस्पेक्शन’ बता रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह दौरा प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था की जमीनी समीक्षा के लिए किया गया था।