मिर्जापुर। बच्चों के प्रति ममत्व भाव से ओतप्रोत जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने जिले के मानिंद लोगों से कहा कि छोटे बच्चों के लिए सिर्फ 15 अगस्त या 26 जनवरी के अवसरों पर ही नहीं बल्कि दशहरा -दीपावली और होली जैसे पर्वों पर भी स्नेह, प्रेम और अपनत्व का भाव प्रकट करते हुए उनकी मदद करनी चाहिए। डीएम मित्तल ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस की भव्यता के लिए सरकारी ऑफिसरों एवं नागरिकों की संयुक्त बैठक में उस वक्त यह बात कही जब उनसे कहा गया कि नगरीय क्षेत्र हो या ग्रामीण, सभी शिक्षण संस्थाओं में बच्चों में क्वालिटी युक्त मिष्ठान्न बंटना चाहिए। भले ही इसके लिए विद्यालय के आसपास के प्रबुद्ध और समाजसेवी लोगों को मुख्य अतिथि ही क्यों न बनाना पड़े। राष्ट्रीय पर्वों पर बच्चों का उत्साह बहुत अधिक होता है। उन्होंने इसे स्वीकार किया और कुछ निजी अनुभावों को भी शेयर किया।
6 साल की बेटी कहती हैं कि जो पेड़ काटेगा, उसे 100 साल की सजा दूंगी
बच्चों की चर्चा छिड़ने पर डीएम मित्तल ने अपनी 6 साल की बेटी का दृष्टांत देते हुए जन सामान्य से कहा कि चूंकि बच्चे बड़ों का अनुकरण करते हैं लिहाज़ा उनके समक्ष आदर्श भाव प्रकट करना चाहिए। मित्तल ने कहा कि उनकी 6 साल की बेटी कहती हैं कि ‘मम्मी, यदि कोई पेड़ काटेगा तो मैं बड़ी होकर उसे सौ साल की सजा दे दूंगी। यदि एक रुपया पेनाल्टी देगा तो एक साल सजा कम कर दूंगी।’
बच्चों को राष्ट्रीय पर्वों की महत्ता बताने पर जोर दिया
शिक्षण संस्थाओं में झंडा फहराया जाता है। डीएम मित्तल ने एक सुझाव पर सहमति व्यक्त करते हुए शिक्षा अधिकारियों से कहा कि वे 15 अगस्त पर ध्वजारोहण और 26 जनवरी पर झंडोत्तोलन के अंतर को बताए। झंडे की किस दिशा में खड़े होना चाहिए तथा अन्य जानकारियां अवश्य दी जानी चाहिए।
लड्डू क्वालिटी का हो
बहुतेरे स्कूलों में अखाद्य तेलों से बनने वाले मिष्ठान्न की चेकिंग का भी निर्देश दिया।
9 अगस्त से ‘मेरी माटी – मेरा देश’ को सफल बनाएं
उक्त अभियान की सफलता के लिए सुझाव मांगा। इस कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी CDO श्रीलक्ष्मी बीएस ने दी। कार्यक्रम की रूपरेखा ADM (F.R.) शिवप्रताप शुक्ल ने दी। नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह भी मीटिंग में मौजूद रहे।