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चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप टला, योगी सरकार के रेस्क्यू ऑपरेशन से 688 लोगों की बची जान

चित्रकूट। धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान से पैदा हुआ बाढ़ संकट प्रशासन की मुस्तैदी और त्वरित राहत-बचाव अभियान के चलते बड़ा हादसा बनने से टल गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाला और भारतीय वायुसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा पीएसी की टीमों ने प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया। अब तक 688 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर राहत केंद्रों तक पहुंचाया गया है।

बाढ़ के दौरान रामघाट समेत कई इलाके जलमग्न हो गए थे। प्रशासन ने हेलीकॉप्टर, मोटरबोट और अन्य आधुनिक संसाधनों की मदद से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। राहत एवं बचाव अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुरक्षा बलों की टीमें लगातार मैदान में डटी रहीं। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि चित्रकूट में बाढ़ से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

रामघाट से सबसे ज्यादा 234 लोगों का रेस्क्यू

प्रशासन के मुताबिक अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया। रामघाट से 234, अमानपुर से 87, गोबरिया से 84 और तरीहा से 82 लोगों को रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा पंडरी एवं मालिकाना क्षेत्र से 77, पासी तिराहा से 55 और राजापुर के अरछा बरेठी गांव से 50 लोगों को सुरक्षित निकालकर शेल्टर होम पहुंचाया गया।

बाढ़ प्रभावितों के लिए लगातार पहुंच रहा भोजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक भी व्यक्ति भूखा न सोने पाए। इसी के तहत जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए भोजन और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था लगातार की जा रही है।

प्रशासन के अनुसार 29 अगस्त को 2,700 लंच पैकेट, 30 अगस्त को 5,200 लंच पैकेट और 31 अगस्त को भी 5,200 लंच पैकेट वितरित किए गए। प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए 4,000 विशेष बाढ़ राहत किट भी मंगाई गई हैं।

22 घंटे में झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर आवागमन बहाल

बाढ़ का पानी कम होते ही प्रशासन ने क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने का काम भी तेज कर दिया। कर्वी में मंदाकिनी नदी के पास धंसे झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे को करीब 22 घंटे के भीतर दुरुस्त कर वाहनों का आवागमन बहाल करा दिया गया।

प्रशासन की टीमें अभी भी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक ने तरौहा तथा अमानपुर सहित अति प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम जारी है, जबकि शहर की पेयजल आपूर्ति को भी पूरी तरह सुचारु करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

नदी के जलस्तर पर लगातार नजर

मंदाकिनी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव से जुड़ी सभी टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी करने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

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