प्रयागराज। उत्तर प्रदेश को भय मुक्त वातावरण प्रदान किया है। सुरक्षा की इस गारंटी से प्रदेश में अब बेटियां भी समाज के सभी क्षेत्रों में बढ़ चढ़कर अपनी भागेदारी दे रही हैं । संगम नगरी प्रयागराज में गंगा दशहरे से नारी सशक्तिकरण की नई पहल की गई है।
नारी शक्ति को पहली बार दी गई गंगा आरती की ज़िम्मेदारी
कुंभ नगरी प्रयागराज में अब बेटियां भी गंगा आरती करेंगी। प्रतिदिन संगम किनारे होने वाली गंगा आरती में पुरुष बटुकों की जगह कन्या बटुक इस जिम्मेदारी को आज से संभालने लगी हैं । संगम महा आरती समिति जिला प्रशासन एवं मेला प्राधिकरण के साथ मिलकर जय त्रिवेणी जय प्रयाग सेवा समिति की तरफ से यह निर्णय लिया गया है । जय त्रिवेणी जय प्रयाग सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप पांडेय बताते हैं कि बेटियों को भी अब गंगा आरती की जिम्मेदारी दी गई है । गंगा दशहरे से आज से इसकी शुरुआत हुई है । देश में पहली बार गंगा आरती में नारी शक्ति को जगह दिया गया है। अभी सप्ताह में एक दिन कन्या बटुकों के माध्यम से गंगा आरती कराई जायेगी। इसके लिए नौ सदस्यों की कन्या बटुकों की एक टीम तैयार की गई है जो इस उत्तरदायित्व का निर्वहन करेंगी। बड़ी संख्या में गंगा भक्तों की मौजूदगी में इसकी शुरुआत हुई।
सर्व समाज से किया गया कन्या बटुकों का चयन
आरती के लिए कन्या बटुकों को तैयार करने में एक महीने से अधिक का समय लगा है। जय त्रिवेणी जय प्रयाग सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप पांडेय के मुताबिक 7 कन्या बटुक गंगा आरती करेंगी लेकिन इसके लिए 9 कन्या बटुकों की टीम तैयार की गई है । सर्व समाज के बीच से इनका चयन किया गया है। इन नौ कन्या बटुकों की वेशभूषा भी तय कर दी गई है जिन्हे धारण कर वह गंगा आरती स्थल में बनाए गए सात मंचो से गंगा आरती करेंगी । 14 साल से 17 साल आयु वर्ग की कन्याओं को आरती की प्रक्रिया, मंत्रों के उच्चारण आदि का गहन प्रशिक्षण देने के बाद यह जिम्मेदारी उन्हे दी गई है ।
योगी सरकार के भय मुक्त वातावरण से रखी गई बुनियाद
योगी सरकार आने के बाद उत्तर प्रदेश भय मुक्त वातावरण स्थापित हुआ है। जय त्रिवेणी जय प्रयाग सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप पांडेय के मुताबिक इस शुरुआत की बुनियाद योगी सरकार के उस प्रयास से पड़ी है जिसमे संगम किनारे शाम और रात को भी अब महिलाएं और बेटियां बिना किसी भय के भ्रमण करती हैं । सुरक्षा के इसी वातावरण से प्रेरित होकर जिला प्रशासन , मेला प्राधिकरण और संगम महा आरती समिति ने कन्याओं से भी गंगा आरती कराने का संकल्प लिया । योगी सरकार के नारी सशक्तिकरण के मूलमंत्र को ध्यान में रखकर की गई इस पहल का विस्तार महाकुंभ में भी किया जाएगा। महाकुंभ में कन्या बटुक ही यहां प्रतिदिन गंगा आरती करेंगी ।