दुबौलिया। नवरात्र के शुभ अवसर पर युवा मित्र मंडल नवदुर्गा पूजा समिति हेंगापुर के तत्वधान में आयोजित श्रीराम कथा में छठवे दिन पर बड़े ही धूमधाम के साथ श्री राम जन्म उत्सव मनाया गया। प्रयाग से पधारे अचुत्य प्रपन्नाचार्य महराज जी ने भगवान राम के जन्म का प्रसंग सुनाकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। प्रपन्नाचार्य ने कहा कि श्री राम नवमी का यह पावन पर्व संपूर्ण विश्व के लिए सौभाग्य संवर्धन है, इस तिथि को पांच ग्रह सूर्य, मंगल, वृहस्पति, शुक्र और शनि अपनी उच्च राशि में स्थित थे। जब-जब धरती पर आतंक अधर्म पापा चार दुराचार बढ़ता है तब तब प्रभु किसी भक्त की पुकार पर इस धरती पर अवतरित होते हैं। जब जब हो हि धर्म की हानि बाड़ी असुर अधम अभिमानी। भगवान बिल्कुल खड़े हैं आने को पर कोई दशरथ, कौशल्या, कश्यप, अदिति, नंद, यशोदा मिल जाए तो प्रभु तुरंत आ जाएंगे।
इसलिए सभी संत महापुरुषों ने एक स्वर में कहा है कि अपने दांपत्य जीवन को सुधारें क्योंकि जब तक दांपत्य जीवन दिव्य पवित्र नहीं होगा तब तक दिव्य संतान उत्पन्न नहीं होगा। जिनका दांपत्य जीवन दिव्य होता है उन्हीं के घर महापुरुषों का जन्म होता है। जब कोई भक्त याद करता है तब प्रभु अवतार लेते हैं जिसका अंत करना कठिन होता है। ऐसे ही ध्यान से रावण को मारने के लिए प्रभु ने अवतार लिया। इस मौके पर आयोजक अम्बुज सिंह,
नागेंद्र प्रताप सिंह, ,भोला प्रसाद पांडे, उदय प्रताप सिंह, नीरज चतुर्वेदी, अंकित मिश्रा आदि मौजूद रहे।