नई दिल्ली। देशभर के करोड़ों FASTag उपयोगकर्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब अगर कोई वाहन मालिक अपने FASTag का बैंक बदलना चाहता है तो उसे नया FASTag खरीदने और कार की विंडस्क्रीन से पुराना टैग हटाने की जरूरत नहीं होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने ‘OneTag’ FASTag पोर्टेबिलिटी सुविधा शुरू की है, जिसके जरिए मौजूदा FASTag को दूसरे बैंक में पोर्ट किया जा सकेगा।
यह सुविधा मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह काम करेगी। बैंक बदलने के बाद भी FASTag का वही भौतिक टैग, वही टैग आईडी और वाहन का वही पंजीकरण नंबर बना रहेगा। केवल टैग जारी करने वाला बैंक बदलेगा।
अब FASTag बदलने की जरूरत नहीं
अब तक FASTag जारी करने वाले बैंक को बदलने पर सामान्यतः पुराने टैग को बंद कराकर नया FASTag लेना पड़ता था। इसके बाद वाहन की विंडस्क्रीन पर नया टैग लगाना होता था।
OneTag ने इस प्रक्रिया को बदल दिया है। पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद वाहन पर लगा पुराना FASTag ही नए बैंक के साथ काम करेगा। एनएचएआई के अनुसार यह सुविधा राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह व्यवस्था के भीतर ही काम करेगी, इसलिए टोल प्लाजा पर किसी नए उपकरण या व्यवस्था की आवश्यकता नहीं होगी।
कैसे बदलें FASTag का बैंक?
FASTag को दूसरे बैंक में पोर्ट करने की प्रक्रिया राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप के माध्यम से होगी। इसके लिए वाहन मालिक को कुछ चरण पूरे करने होंगे।
पहला चरण: राजमार्गयात्रा ऐप खोलकर वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज करना होगा और पोर्टेबिलिटी के लिए पात्रता जांचनी होगी।
दूसरा चरण: मौजूदा FASTag जारीकर्ता बैंक से छह अंकों का मोबाइल सत्यापन कोड प्राप्त करना होगा।
तीसरा चरण: पोर्टेबिलिटी के लिए अपनी सहमति दर्ज करनी होगी और पसंद का नया बैंक चुनना होगा।
चौथा चरण: नए बैंक के साथ ग्राहक सत्यापन और आवश्यक केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पांचवां चरण: नए बैंक के वॉलेट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद FASTag पोर्ट हो जाएगा।
पुराने FASTag के खाते में बची रकम का क्या होगा?
यह सवाल सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। बैंक बदलने के बाद पुराने FASTag वॉलेट में मौजूद राशि खत्म नहीं होगी।
एनएचएआई के अनुसार पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद पुराना जारीकर्ता बैंक FASTag वॉलेट को बंद करेगा और उपलब्ध शेष राशि को लागू समायोजन के बाद वापस करेगा। इसके बाद नया जारीकर्ता बैंक FASTag की सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
छह महीने का नियम भी समझ लें
FASTag को बार-बार बैंक बदलने की सुविधा नहीं होगी। पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद दोबारा FASTag पोर्ट करने के लिए छह महीने की कूलिंग अवधि निर्धारित की गई है। यानी एक बार बैंक बदलने के बाद छह महीने तक दोबारा पोर्ट नहीं किया जा सकेगा।
13 करोड़ से ज्यादा FASTag उपयोगकर्ताओं को फायदा
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार देश में करीब 13 करोड़ NETC FASTag जारी हो चुके हैं और राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह का 98 प्रतिशत से अधिक हिस्सा FASTag के माध्यम से हो रहा है। इनमें करीब छह करोड़ टैग सक्रिय बताए गए हैं।
ऐसे में OneTag से उन वाहन मालिकों को विशेष सुविधा मिलेगी जो मौजूदा बैंक की सेवा से संतुष्ट नहीं हैं और बिना टैग बदले दूसरे जारीकर्ता बैंक में जाना चाहते हैं।
OneTag किसने तैयार किया?
OneTag को इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने मिलकर विकसित किया है। IHMCL, एनएचएआई द्वारा प्रवर्तित कंपनी है। NPCI पोर्टेबिलिटी की तकनीकी व्यवस्था और NETC प्रणाली में जारीकर्ता बैंक से संबंधित जानकारी को अपडेट करने का काम करेगा।
नितिन गडकरी ने शुरू की सुविधा
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 11 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान OneTag सुविधा लॉन्च की थी। इसके बाद 17 सितंबर से यह सुविधा राजमार्गयात्रा ऐप पर उपलब्ध करा दी गई।
FASTag OneTag के नए नियम एक नजर में
सुविधा| नया नियम
बैंक बदलना| संभव
नया FASTag| जरूरत नहीं
पुराना स्टिकर| वाहन पर लगा रहेगा
FASTag ID| वही रहेगी
वाहन पंजीकरण नंबर| वही रहेगा
प्रक्रिया| राजमार्गयात्रा ऐप से
नया केवाईसी| नए बैंक के साथ आवश्यक
पुराने वॉलेट की रकम| लागू समायोजन के बाद वापस
दोबारा पोर्टेबिलिटी| छह महीने बाद
यानी अब FASTag का बैंक बदलना मोबाइल नंबर पोर्ट कराने जैसा आसान होगा। वाहन मालिक को नया टैग खरीदने, उसे विंडस्क्रीन पर लगाने और पुराने टैग को हटाने की झंझट से राहत मिलेगी।