बाराबंकी। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को बाराबंकी के प्रमुख शिवालय हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िये भगवान शिव के दर्शन-पूजन के लिए मंदिरों में पहुंचे। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की थीं।
श्री लोधेश्वर महादेवा मंदिर में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय रविवार रात से ही मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने स्वयं व्यवस्थाओं की कमान संभालते हुए मंदिर परिसर से लेकर दर्शन मार्ग तक लगातार निगरानी की। अधिकारियों की सक्रियता और विभागीय समन्वय के चलते श्रावण सोमवार का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
मंदिर पहुंचकर DM- SP ने परखी व्यवस्थाएं
डीएम और एसपी ने मंदिर परिसर, दर्शन मार्ग तथा आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण कर श्रद्धालुओं की आवाजाही, कतार प्रबंधन, बैरिकेडिंग, पार्किंग, यातायात और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दर्शन मार्गों पर कतारों का सुचारु संचालन कराया गया, जिससे भक्तों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैरिकेडिंग से लेकर चिकित्सा-पेयजल तक पुख्ता इंतजाम
मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए निर्धारित मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल एवं प्रशासनिक टीमें तैनात रहीं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चिकित्सा सेवा, पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता, मोबाइल शौचालय और पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई गईं। विभिन्न विभागों की टीमें अपने-अपने दायित्वों के अनुसार लगातार सक्रिय रहीं।
कांवड़ियों की सेवा में जुटे सेवा शिविर
श्रावण सोमवार पर कांवड़ियों की सुविधा और सेवा को भी विशेष प्राथमिकता दी गई। प्रमुख कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के साथ विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर संचालित किए गए। सेवा शिविरों में शिवभक्तों को फलाहार, पेयजल और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। कांवड़ यात्रियों के सुरक्षित आवागमन को लेकर प्रशासनिक टीमें लगातार मार्गों पर निगरानी करती रहीं।
अन्य शिवालयों पर भी प्रशासन की नजर
लोधेश्वर महादेवा मंदिर के साथ जिले के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों पर भी प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भ्रमणशील रहे। मंदिर परिसरों तथा आसपास के क्षेत्रों में भीड़ नियंत्रण, यातायात, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की गई। इसका असर यह रहा कि श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में भगवान शिव के दर्शन-पूजन का अवसर मिला।
आगामी सोमवार और शिवरात्रि को लेकर भी तैयारी
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि श्रावण मास में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आगामी सोमवार और श्रावण शिवरात्रि पर संभावित भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जाएगी और जरूरत के अनुसार उन्हें और मजबूत किया जाएगा। प्रशासन ने आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं, सेवा समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्थानीय नागरिकों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार जताया।