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IAS Couple Story: गोरखपुर से निकली IAS दंपती की कहानी, अब पड़ोसी जिलों की कमान: अनुज मलिक संतकबीरनगर की DM, गौरव सोगरवाल महराजगंज के जिलाधिकारी

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में एक IAS दंपती की तैनाती फिर चर्चा में है। 2017 बैच की IAS अधिकारी अनुज मलिक को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) की मुख्य कार्यपालक अधिकारी की जिम्मेदारी से हटाकर संतकबीरनगर का जिलाधिकारी बनाया गया है। वहीं उनके पति गौरव सिंह सोगरवाल पहले से महराजगंज के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दोनों की नई तैनाती के बाद यह दंपती एक बार फिर पड़ोसी जिलों की प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालता नजर आएगा।

यह संयोग इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों अधिकारी पूर्वांचल में लंबे समय तक अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। अनुज मलिक गोरखपुर में गीडा की सीईओ रहीं, जबकि गौरव सिंह सोगरवाल गोरखपुर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और बाद में नगर आयुक्त भी रह चुके हैं। दोनों की पहचान प्रशासनिक कामकाज के साथ कोविड काल में किए गए कार्यों से भी जुड़ी रही है।

UPSC में 16वीं रैंक से IAS बनने तक अनुज मलिक का सफर

अनुज मलिक ने वर्ष 2016 की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल की थी। UPSC के आधिकारिक परिणाम में उनका नाम 16वें स्थान पर दर्ज है। वह 2017 बैच की IAS अधिकारी हैं।

प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने वाराणसी में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट, गोरखपुर और मुजफ्फरनगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट तथा कुशीनगर में मुख्य विकास अधिकारी जैसे पदों पर काम किया। इसके बाद उन्हें गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण की CEO की जिम्मेदारी मिली। गीडा के आधिकारिक पोर्टल पर भी अनुज मलिक को CEO के रूप में दर्ज किया गया है।

अब शासन ने उन्हें संतकबीरनगर का जिलाधिकारी नियुक्त किया है। नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने जिले में विकास योजनाओं की निगरानी, जनसमस्याओं का निस्तारण, राजस्व एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रशासनिक समन्वय और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी होगी।

गौरव सिंह सोगरवाल का ‘गोरखपुर मॉडल’ आज भी याद किया जाता है

अनुज मलिक के पति गौरव सिंह सोगरवाल भी 2017 बैच के IAS अधिकारी हैं। गोरखपुर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर के रूप में तैनाती के दौरान कोविड-19 लॉकडाउन में उन्होंने जरूरी सामान की ऑनलाइन होम डिलीवरी व्यवस्था विकसित कराई थी।

लॉकडाउन के दौरान प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती लोगों को घरों से बाहर निकले बिना खाद्यान्न, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराना था। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल और स्थानीय दुकानदारों के नेटवर्क के जरिए घर-घर आपूर्ति की व्यवस्था तैयार की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस मॉडल के जरिए पहले चरण में दो लाख से अधिक ऑर्डर पूरे हुए।

इस पहल को बाद में ‘गोरखपुर मॉडल’ के तौर पर पहचान मिली। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी इस व्यवस्था की जानकारी मांगी गई थी। उत्तर प्रदेश शासन ने मॉडल का प्रस्तुतीकरण तैयार कर दूसरे क्षेत्रों में लागू किए जाने की संभावनाओं पर काम किया था।

कोरोना काल में प्रशासनिक नवाचार से मिली पहचान

गौरव सिंह सोगरवाल की पहल का मकसद केवल सामान पहुंचाना नहीं था, बल्कि लॉकडाउन के दौरान लोगों की आवाजाही कम रखना भी था। रिपोर्टों के अनुसार प्रशासन ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, दुकानदारों और डिलीवरी नेटवर्क को जोड़कर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की व्यवस्था बनाई थी।

दवाइयों से लेकर राशन, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी के लिए कई पोर्टल और एप का इस्तेमाल किया गया। डिलीवरी शुल्क को लेकर भी राहत देने की व्यवस्था की गई थी। इस मॉडल को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय और शासन स्तर से प्रशंसा मिलने का उल्लेख कई रिपोर्टों में मिलता है।

गोरखपुर से शुरू हुआ सफर, अब पड़ोसी जिलों में जिम्मेदारी

गौरव सिंह सोगरवाल गोरखपुर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और नगर आयुक्त के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। बाद में उन्हें महराजगंज की जिम्मेदारी मिली और वर्तमान में वह वहीं जिलाधिकारी हैं।

दूसरी ओर अनुज मलिक ने भी पूर्वांचल के कई जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। कुशीनगर में CDO रहते हुए भी उनके पति गौरव सिंह सोगरवाल महराजगंज में CDO के पद पर तैनात थे। अब अनुज मलिक के संतकबीरनगर की DM बनने के बाद दोनों फिर से पड़ोसी जिलों के जिलाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

पूर्वांचल के दो जिलों की कमान एक IAS दंपती के पास

संतकबीरनगर और महराजगंज भौगोलिक रूप से आसपास के जिले हैं। ऐसे में एक ही परिवार के दोनों IAS अधिकारियों का पड़ोसी जिलों में जिलाधिकारी के रूप में तैनात होना प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना है।

हालांकि दोनों की जिम्मेदारियां पूरी तरह अलग-अलग प्रशासनिक क्षेत्राधिकार में हैं। अनुज मलिक संतकबीरनगर में जिलाधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगी, जबकि गौरव सिंह सोगरवाल महराजगंज के प्रशासनिक कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं।

एक अधिकारी ने UPSC में 16वीं रैंक से शुरुआत की, दूसरे ने कोरोना संकट के दौरान गोरखपुर के ऑनलाइन डिलीवरी मॉडल से पहचान बनाई—अब दोनों की प्रशासनिक पारी पूर्वांचल के दो पड़ोसी जिलों से जुड़ गई है।

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