विकास तिवारी
मीरजापुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन व नोडल अधिकारी तथा जिला मलेरिया अधिकारी के मार्गदर्शन में गोदरेज सी एस आर के सहयोग से फैमिली हेल्थ इंडिया एवं जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा संचालित एम्बेड परियोजना के अंतर्गत मच्छर जनित रोगों से बचाव हेतु लोगों को किया जा रहा हैं जागरूक, जनपद मीरजापुर के चिन्हित गाँवों के स्कूलों में मलेरिया उन्मूलन हेतु फैमिली हेल्थ इण्डिया की टीम के सदस्यों द्वारा ग्रामीणों को मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए भली भांति समझाया जा रहा हैं कि संचालित संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के अंतर्गत क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को नष्ट कराया जाना अति आवश्यक है।
एंटी लार्वा का छिड़काव तथा फागिंग भी कराया जा रहा है। चिन्हित 100 गावों के अतिरिक्त दिनांक 08-09-2023 को ब्लाक सिखड के आराजी लाइन मे एम ओ आइसी सिखड, मलेरिया निरीक्षक व फेमली हेल्थ इण्डिया के जिला समन्वयक सत्यप्रकाश सिंह सहित 05 सदस्यीय टीम द्वारा गांव के हर घरों में लोगों को मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए जागरूक करते हुए फ्रीज, कुलर, नाद, घरों की छतों पर जमा पानी का निरीक्षण कर मच्छरों के लार्वा की पहचान कराई गई व सैम्पल को एकत्रित किया गया।
टीम द्वारा गांव मे फागिंग भी कराया व चौपाल लगा कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया व एकत्रित सैम्पल को सीएमओ कार्यालय मीरजापुर व मलेरिया विभाग पर नोडल अधिकारी व अन्य अधिकारियों को भी दिखाया गया। जिला मलेरिया अधिकारी संजय द्विवेदी का कहना हैं कि मलेरिया की जांच व उपचार की सुविधा जिला मुख्यालय के अलावा सभी सीएचसी पीएचसी पर उपलब्ध है।
नोडल अधिकारी अनुसार शासन के निर्देशानुसार आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर रोगी की पहचान कर रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट आरडीटीद्ध किट से त्वरित जांच कर रही हैं। इसके लिए समस्त आशा कार्यकर्ताओं, आगनवाड़ी बहनों को प्रशिक्षित भी किया गया है। जांच में मलेरिया धनात्मक पाए जाने पर जल्द से जल्द रोगी का नि:शुल्क पूर्ण उपचार किया जा रहा हैं। फैमिली हेल्थ इण्डिया के जिला समन्वयक सत्यप्रकाश सिंह का कहना हैं कि मलेरिया व डेंगू से बचाव के सावधानी बरतने की आवश्यकता हैं।
श्री सिंह का मानना हैं कि हम लोग अपनी नालियों में, गड्ढों में पानी इकट्ठा नहीं होने देंगे यदि पानी किसी कारण इकट्ठा भी होगा तो उसमें जरा मोबील सप्ताह में डाला जाएगा। घरों में सोते समय मच्छर दानी लगाकर सोया जाएगा, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनेंगे खुले अंगों में सरसों, नारियल का तेल या मच्छर अवरोधी क्रीम को लगाया जाएगा जिससे हम लोगों को मच्छर काट नहीं पाएंगे। घरों में रोशन दानो, खिड़कियों में जाली लगवाएंगे, पक्के घरों में क्वायल, अगरबत्ती आदि।
जलाएंगे, विद्यालय के रोशन दानों को मच्छर जालियों से ढका जाएगा जिससे बच्चों को मच्छरों के काटने से बचाया जा सके। जानवरों के बांधने के स्थान पर घरों के सामने शाम को नीम की पत्तियों का धुआं करेंगे कपड़ो को खुला नहीं टाँगेंगे।पानी को ढककर रखेंगे, बर्तनों को उल्टा करके रखेंगे तथा हर सप्ताह फ्रिज व कूलर की सफाई भली भांति किया जाएगा, घरों के आसपास रखीं नाद, टायर टुटे-फटे पात्रों मे पानी जमा नहीं होने दिया जायेगा।