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जगदंबिका पाल का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- सपा सरकारों में नहीं दिखा तिरंगा यात्रा जैसा अभियान

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के सांसद जगदंबिका पाल ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को कई बार सरकार बनाने का अवसर मिला। मुलायम सिंह यादव तीन बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, जबकि अखिलेश यादव भी मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उनके कार्यकाल में ‘हर घर तिरंगा’ और तिरंगा यात्रा जैसे व्यापक अभियान देखने को नहीं मिले।

जगदंबिका पाल ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के ‘वंदे मातरम’ ने देशवासियों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस दौर में देश में अलग-अलग भाषाएं, प्रांत, जातियां और धर्म थे, लेकिन तिरंगा और वंदे मातरम ने लोगों को एक सूत्र में बांधा। आजादी के आंदोलन में लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया।

‘हर घर तिरंगा’ अब सरकारी कार्यक्रम नहीं, जन आंदोलन

भाजपा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान अब सरकारी इमारतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जन आंदोलन का रूप ले चुका है। करोड़ों लोग अपने घरों पर तिरंगा फहरा रहे हैं और सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सिद्धार्थनगर में उन्होंने मोटरसाइकिलों और ट्रैक्टरों पर तिरंगा लेकर निकलते लोगों को देखा। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशवासियों की राष्ट्रीय भावना और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।

‘संविधान में आस्था होती तो जाति और तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करते’

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए जगदंबिका पाल ने कहा कि यदि सपा अध्यक्ष को संविधान में वास्तविक आस्था होती तो वह जातिवाद, समाज को बांटने और तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा वोट बैंक की राजनीति के लिए पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक की राजनीति को आगे बढ़ाती है। महिला आरक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों के विरोध को लेकर भी विपक्ष पर सवाल खड़े किए।

विदेशी फंडिंग पर बोले- स्रोत पूछना पारदर्शिता का हिस्सा

जगदंबिका पाल ने विदेशी अंशदान विनियमन कानून यानी एफसीआरए का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेश से आने वाले धन के स्रोत और उसके इस्तेमाल की जानकारी मांगना पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि इसे अल्पसंख्यक विरोधी बताकर राजनीति करना तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देना है। भाजपा सांसद ने कहा कि संविधान को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई कदम उठाए गए हैं। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार के कार्यकाल में संसद में संविधान दिवस मनाने की शुरुआत हुई और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े स्मारक एवं शोध संस्थानों के विकास की दिशा में भी काम हुआ।

विभाजन विभीषिका दिवस पर बोले- इतिहास से सीख लेना जरूरी

विभाजन विभीषिका दिवस के संदर्भ में जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस के रूप में स्मरण करने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर, गांव और जमीन छोड़कर विस्थापित होना पड़ा तथा भारी जनहानि हुई। उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी को याद करने का उद्देश्य किसी के खिलाफ नफरत पैदा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उस दौर की पीड़ा, हिंसा और विस्थापन से सीख दिलाना है। देश को ऐसा भारत बनाने का संकल्प लेना चाहिए, जहां भविष्य में इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो और शांति, एकता व अखंडता कायम रहे।

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