लखनऊ। राजधानी लखनऊ में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर कारोबारी का अपहरण कर फिरौती वसूलने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का कृष्णानगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बदमाशों ने फर्जी पुलिस पहचान पत्र दिखाकर कारोबारी को स्कॉर्पियो में बैठाया और हथियार के बल पर बंधक बना लिया। इसके बाद कारोबारी की पत्नी से फिरौती मांगी गई। पुलिस के मुताबिक करीब 13 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर वसूलने के बाद कारोबारी को शहीद पथ के पास छोड़ दिया गया।
फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर पहुंचे थे बदमाश
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कारोबारी को विश्वास में लेने के लिए खुद को पुलिस अधिकारी बताया और फर्जी पहचान पत्र दिखाया। इसके बाद उसे स्कॉर्पियो में जबरन बैठाकर अपने साथ ले गए। वारदात के दौरान वाहन पर कूटरचित नंबर प्लेट भी लगाई गई थी, जिससे पहचान छिपाई जा सके। आरोपियों ने कारोबारी को बंधक बनाने के बाद उसकी पत्नी से संपर्क कर फिरौती की मांग की। परिवार के जरिए नकदी और जेवर मंगवाए गए। रकम और आभूषण मिलने के बाद कारोबारी को छोड़ दिया गया।
करीब नौ घंटे तक बंधक रखने का दावा
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कारोबारी को करीब नौ घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और आरोपी उसे आगरा से कन्नौज तक अलग-अलग स्थानों पर लेकर घूमते रहे। इस दौरान पत्नी से फोन के जरिए फिरौती की रकम मंगवाई गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अपहरण की साजिश में कारोबारी के एक करीबी व्यक्ति की भूमिका और मुखबिरी की बात सामने आई है।
240 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद मिला सुराग
घटना के बाद कृष्णानगर पुलिस ने इलाके और संभावित रास्तों के करीब 240 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। इसके बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
चार फर्जी पुलिस आईडी, नकदी और तमंचे बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने—
चार कूटरचित पुलिस अधिकारी पहचान पत्र
2.50 लाख रुपये नकद
दो तमंचे
तीन कारतूस
वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो
दो कूटरचित नंबर प्लेट
बरामद करने की बात कही है। पुलिस के अनुसार गिरोह के तार बुलंदशहर और बिहार समेत कई राज्यों से जुड़े हैं। जांच में गिरोह के आपराधिक नेटवर्क और अन्य संभावित वारदातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
अगली वारदात की तैयारी में थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी लखनऊ में एक और वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। अधिकारियों के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
मामले में पुलिस ने बरामद वाहन, फर्जी पहचान पत्र, नंबर प्लेट और हथियारों को जांच का हिस्सा बनाया है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम
नवभारत टाइम्स के मुताबिक इस कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।