अयोध्या। ग्राम पंचायत मोहसिनपुर, विकासखंड पूराबाजार में मनरेगा योजनाओं में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। विभागीय पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार, चार अलग-अलग मास्टर रोल्स (संख्या 2131, 2132, 2133 और 2134) में एक ही फोटो का प्रयोग कर 27 श्रमिकों की उपस्थिति दर्शाई गई है। यह गंभीर गड़बड़ी सामने आते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।
मनरेगा पोर्टल पर अपलोड की गई तस्वीरों में लोकेशन, पृष्ठभूमि और लोगों की स्थिति पूरी तरह एक जैसी पाई गई, जबकि श्रमिकों के नाम अलग-अलग हैं। इतना ही नहीं, सभी उपस्थिति रात के ठीक 00:00:00 बजे की दर्ज की गई है, और किसी भी मास्टर रोल में वैकल्पिक फोटो नहीं लगाई गई। यह कार्य अनीमिका सिंह नामक कर्मचारी द्वारा किया गया बताया जा रहा है।
मास्टर रोल 2132 में जिन श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई है, उनमें सुनीता, मालती देवी, कृष्णा देवी, नंद किशोर और जमुना शामिल हैं। वहीं, मास्टर रोल 2134 में जितेंद्र कुमार सिंह, हनुमान प्रसाद, रविकांत वर्मा, साधना और किरण वर्मा जैसे कई अन्य मजदूरों की उपस्थिति दर्शाई गई है। लेकिन सभी की फोटो एक ही जैसी है।
गांव के जागरूक नागरिकों का कहना है कि जिन श्रमिकों की उपस्थिति दर्शाई गई है, वे कभी कार्यस्थल पर नहीं देखे गए। ग्रामीणों ने इसे योजनाबद्ध भ्रष्टाचार बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह न सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि असली जरूरतमंद मजदूरों के अधिकारों का हनन भी है।
ग्राम्य विकास मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल तकनीकी चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित घोटाले की ओर संकेत करता है। यदि निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो मनरेगा फंड के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग के सुराग सामने आ सकते हैं।
सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं मनरेगा जिला सेल से मामले की फोरेंसिक जांच कराने, दोषी कर्मचारियों व पंचायत प्रतिनिधियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने और पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने की मांग की है।