अयोध्या। प्रदेश में छात्र संख्या के आधार पर प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने और एकीकृत करने की नीति के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में संघ की अयोध्या इकाई ने सोमवार को गोसाईगंज विधायक अभय सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने का नेतृत्व प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह ने किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉ. संजय सिंह ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
“मर्जर नहीं, शिक्षा का मर्जर है” – डॉ. संजय सिंह
डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार का यह फैसला जल्दबाजी में लिया गया है और पूरी तरह शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 तथा बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम के विरुद्ध है। उन्होंने दो टूक कहा, “एक किलोमीटर के दायरे में स्कूल होना अनिवार्य है, इसके बावजूद सरकार स्कूलों को दूसरे गांवों में शिफ्ट कर रही है, जो ग्रामीण बच्चों और विशेषकर बेटियों के भविष्य के साथ अन्याय है।” ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि स्कूलों को दूरस्थ स्थानों पर स्थानांतरित करने से गांव की बेटियों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होगा। ग्रामीण अभिभावकों ने भी इस कदम का विरोध करते हुए अपनी बेटियों को स्कूल भेजने में असमर्थता जताई है।
“निजीकरण को बढ़ावा” – प्रेम वर्मा
जिला मंत्री प्रेम वर्मा ने कहा कि यह निर्णय शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देने जैसा है। सरकारी विद्यालयों को बंद कर मानक विहीन निजी विद्यालयों को अवसर दिया जा रहा है, जिससे शिक्षा में असमानता और बढ़ेगी। शिक्षक संघ ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। विधायक अभय सिंह व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित ने आश्वस्त किया कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे।
इन शिक्षकों ने दर्ज कराई उपस्थिति
इस अवसर पर बीकापुर ब्लॉक अध्यक्ष प्रियकांत पांडे, मंत्री द्वारकाधीश उपाध्याय, कोषाध्यक्ष गुलाब चंद, मिल्कीपुर अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह, मंत्री राजेश कुमार, रुदौली अध्यक्ष अशोक यादव, दंगल सिंह, जिला मीडिया प्रभारी मंजेश मौर्य, आलोकेश रंजन, गजेंद्र सिंह, विक्रम सूर्यवंशी, अजय सिंह, राज नारायण सिंह, विनय पांडेय, राजेश चौबे, हैरिंग्टनगंज ब्लॉक मंत्री परमेश पांडेय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।