• Mon. Oct 5th, 2026

नाग पंचमी 2026: आज क्यों मनाई जा रही है नाग पंचमी? जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, क्या करें और क्या न करें

दिल्ली। सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला नाग पंचमी का पर्व आज 17 अगस्त 2026, सोमवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस बार नाग पंचमी का पर्व सावन सोमवार के दिन पड़ रहा है, इसलिए भगवान शिव और नाग देवता की पूजा के लिहाज से इस दिन का महत्व और बढ़ गया है।

नाग पंचमी के दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा करने की परंपरा है। सनातन धर्म में नागों को पूजनीय माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार नाग देवता भगवान शिव से जुड़े हैं और महादेव अपने गले में नाग को धारण करते हैं। यही वजह है कि सावन में पड़ने वाली नाग पंचमी पर शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

नाग पंचमी 2026 कब है?

इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाई जा रही है। पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम करीब 4:52 बजे शुरू हुई और 17 अगस्त की शाम करीब 5 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त को मनाया जा रहा है।

नाग पंचमी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार नाग पंचमी की पूजा के लिए सुबह का समय शुभ माना गया है। कई पंचांगों में 17 अगस्त को पूजा का समय करीब सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे तक बताया गया है। हालांकि स्थानीय सूर्योदय और पंचांग गणना के कारण शहर के अनुसार मुहूर्त में कुछ अंतर हो सकता है।

आखिर क्यों मनाई जाती है नाग पंचमी?

नाग पंचमी केवल नाग देवता की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि भारतीय परंपरा में यह प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान का संदेश भी देती है। नागों का संबंध भगवान शिव और भगवान विष्णु से माना गया है। भगवान विष्णु की शय्या शेषनाग हैं, जबकि भगवान शिव के गले में नाग विराजमान हैं। धार्मिक मान्यताओं में नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से भय दूर होने, परिवार की रक्षा और सुख-शांति की कामना पूरी होने की मान्यता है। अलग-अलग क्षेत्रों में इस पर्व से जुड़ी कथाएं और पूजा की परंपराएं भी अलग हैं।

नाग पंचमी पर कैसे करें पूजा?

नाग पंचमी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद भगवान शिव और नाग देवता का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें। नाग देवता की प्रतिमा या चित्र को पूजा स्थान पर स्थापित करके जल, अक्षत, पुष्प और नैवेद्य अर्पित किया जा सकता है। इसके बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करें और शिव मंत्र का जाप करते हुए आरती करें। ध्यान रखें कि जीवित सांप को पकड़कर पूजा करने या उसे दूध पिलाने की जरूरत नहीं है। पूजा नाग देवता की प्रतिमा या चित्र के माध्यम से प्रतीकात्मक रूप से की जा सकती है। जीवित सांप को नुकसान पहुंचाना धार्मिक भावना के भी विपरीत है और उसके लिए खतरनाक हो सकता है।

नाग पंचमी पर क्या करें?

– भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करें।

– शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

– नाग देवता की प्रतिमा या चित्र पर पुष्प और अक्षत चढ़ाएं।

– जरूरतमंदों को भोजन या आवश्यक वस्तुओं का दान करें।

– जीव-जंतुओं के प्रति दया और संरक्षण का भाव रखें।

– परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।

– अपनी पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार व्रत रखें।

नाग पंचमी पर क्या नहीं करना चाहिए?

नाग पंचमी से जुड़े नियम अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अलग हो सकते हैं। इसलिए इन्हें धार्मिक परंपरा और लोकमान्यता के रूप में समझना चाहिए। जीवित सांप को पकड़ना, उसके साथ छेड़छाड़ करना या उसे दूध पिलाना नहीं चाहिए। वन्यजीव विशेषज्ञों और पशु कल्याण संगठनों की ओर से भी नाग पंचमी पर सांपों के साथ क्रूरता रोकने की अपील की जाती रही है। कई क्षेत्रों में इस दिन जमीन खोदने, कृषि कार्य करने या पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने से बचने की परंपरा भी है। इसका संबंध नागों के प्राकृतिक आवास और वर्षा ऋतु से जोड़कर देखा जाता है।

नाग पंचमी पर तवा क्यों नहीं चढ़ाया जाता?

नाग पंचमी से जुड़ी सबसे चर्चित लोकपरंपराओं में से एक है कि इस दिन कुछ घरों में तवे पर रोटी नहीं बनाई जाती। इसके पीछे अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं। हालांकि यह पूरे देश में लागू कोई समान धार्मिक नियम नहीं है। जिन परिवारों में यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है, वे अपनी मान्यता के अनुसार इसका पालन करते हैं।

क्या नाग पंचमी पर सांप को दूध पिलाना चाहिए?

नाग पंचमी पर नाग देवता को दूध अर्पित करने की परंपरा कई जगह देखने को मिलती है, लेकिन जीवित सांप को दूध पिलाना उचित नहीं है। पूजा के लिए दूध नाग देवता की प्रतिमा या चित्र पर प्रतीकात्मक रूप से अर्पित किया जा सकता है। नाग पंचमी की आस्था का मूल संदेश जीवों का सम्मान और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व भी है। इसलिए सांप दिखाई देने पर उसे मारने के बजाय सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कराने की कोशिश करनी चाहिए।

नाग पंचमी और सावन सोमवार का खास संयोग

इस साल नाग पंचमी सोमवार को पड़ रही है। सावन में सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है और नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा की जाती है। ऐसे में 17 अगस्त का दिन शिव भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व वाला है।

नाग पंचमी का संदेश क्या है?

नाग पंचमी हमें सिर्फ पूजा-पाठ की परंपरा नहीं बताती, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश भी देती है। सांप पर्यावरणीय संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इस पर्व पर आस्था के साथ जीवों के प्रति करुणा और प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेना भी महत्वपूर्ण है।

Leave a Reply