वाराणसी। CJI ने कहा आप हाई कोर्ट जा सकते है,मुस्लिम पक्ष की तरफ से वकील ने कहा कि आदेश शुक्रवार की शाम दिया गया। हमें अपील का मौका नहीं दिया गया। मुस्लिम पक्ष ने सभी याचिकाओं पर हो रही सुनवाई पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि आज सुबह 7 बजे से सर्वे शुरू हो गया। मुस्लिम पक्ष ने कहा की हमें कम से कम 2 दिनों का वक्त दे दिया जाए ताकि हम ASI के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दे सके हिंदू पक्ष ने विरोध किया कहा की ASI सर्वे का मामला सूचिबद्ध नही है। साथ ही सील किया हुआ एरिया इस सर्वे में शामिल नहीं है। हिंदू पक्ष ने कहा की इस सर्वे से कोई नुकसान नहीं होगा। यूपी सरकार की ओर से SG तुषार मेहता ने कहा की पिछले मामले और इस मामले में अंतर है। उस समय कथित शिवलिंग का मामला था। CJI ने कहा की हम य़ह सोच रहे है की ASI कोई खुदाई का काम नहीं करेगा। CJI ने कहा की आज ही मामले पर सुनवाई करेंगे। तब तक ASI फ़िलहाल कोई कार्रवाई न करे य़ह जानकारी ASI को दी जाए।
CJI ने पूछा ASI क्या कर रही है? क्या ASI खुदाई कर रही है?
हिंदू पक्षकार के वकील श्याम दीवान ने कहा कि ASI साटीफिक सर्वे कर रहा है।मुस्लिम पक्षकार सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल नवंबर और इस साल मई के आदेश का उल्लंघन बता रहे हैं। जबकि अभी जो सर्वे हो रहा है वो सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर संरक्षित किए गए क्षेत्र से बाहर है। मुस्लिम पक्ष की ओर से हुजैफा अहमदी ने कहा कि ये समय सर्वे का नहीं है। पहले सुप्रीम कोर्ट बुनियादी मुद्दे तय कर दे। इसपर दीवान ने कहा कि सैंटीफाइक सर्वे है। मामले में मुस्लिम पक्ष ने कहा की एक हफ्ते के लिए आदेश पर रोक लगा दे।
हमे अपील का समय दिया जाए। मुस्लिम पक्ष ने कहा की ASI ने खुदाई शुरू कर दी हैं पश्चिमी दीवार के समक्ष। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत देते हुए कहा की एक काम और कर सकते है की मुस्लिम पक्ष को इलाहबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दे सकते है.. CJI ने कहा 11.15 बजे तक यूपी सरकार बताए ASI किस तरह से काम कर रही है?अभी वहां क्या चल रहा है? यूपी सरकार ने कहा की केवल विडिग्राफी, मैपिंग आदि किया जा रहा है।
जिससे जांच की जा सके। SG ने बताया कि कोई भी खुदाई नहीं हुई बल्कि जांच के लिए होने वाली प्रक्रिया को किया जा रहा है। SG ने कहा की अगर मुस्लिम पक्ष चाहे तो एक या 2 दिन में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकते है। तब तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। SG ने बताया कि मेजरमेट,फोटोग्राफी, रेडियोग्राफी ही की जा रही है।CJI ने मुस्लिम पक्ष से कहा कि अगर रेडियो ग्राफी, फोटोग्राफी आदि के करने से ढांचे पर कोई असर नहीं होगा। जैसा कि आपका आशंका है कि ढांचे को नुकसान है।
CJI ने कहा की यूपी सरकार ने कोर्ट को बताया कि किसी भी तरह को खुदाई नही हुई है। एक हफ्ते तक किसी भी तरह को खुदाई भी नही होगी। केवल रडार, मेजरमेंट और फोटोग्राफी की जाएगी। CJI ने ASI के बयान को रिकॉर्ड पर लिया। जिसमें एक हफ्ते तक कोई खुदाई का काम नही होगा। एक हफ्ते में मुस्लिम पक्ष हाई कोर्ट का रुख कर सकता है। मुस्लिम पक्ष ने ASI सर्वे पर रोक की मांग को लेकर बहस की शुरुवात की वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में ASI फिलहाल खुदाई जैसा काम नहीं करेगा।सिर्फ माप, फोटोग्राफी और रेडार इमेजिंग होगी। फ़िलहाल 31 जुलाई तक खुदाई का काम नहीं करेगा।
मुस्लिम पक्ष की ओर से वकील अहमदी ने सवाल उठाया कि जब इसी तरह के मामले में पहले ही ASI सर्वे का आदेश पर रोक लगी है तो दूसरे मामले में ASI सर्वे की इजाजत कैसे दी जा सकती है? उन्होंने कहा की आखिर इतनी जल्दी क्यों है? सुबह से ही 30 लोग इस समय सर्वे के लिए मौजूद है।15 शताब्दी से इस स्थान पर मस्जिद मौजूद है। मुस्लिम पक्ष में कहा की पहले भी कथित शिवलिंग के जांच के मामले में ज्ञानवापी परिसर की ASI सर्वे पर इलाहाबाद हाई कोर्ट रोक लगा चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी में चल रहे सर्वे पर 26 जुलाई शाम पाँच बजे तक रोक लगाई।