अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय चयन समिति ने अपनी रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। अब इस रिपोर्ट पर ट्रस्ट की बैठक में चर्चा होगी और इसके बाद CEO के नाम को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
पहले CEO के चयन के लिए गठित समिति में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावरे और पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली शामिल हैं। समिति ने आज ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों की मौजूदगी में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
ट्रस्ट के सदस्यों की मौजूदगी में सौंपी गई रिपोर्ट
रिपोर्ट सौंपे जाने के दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज, महंत दिनेंद्र दास, कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन तथा अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी मौजूद रहे। समिति की रिपोर्ट अब ट्रस्ट के सामने है। CEO पद के लिए चयनित नाम पर अंतिम मुहर ट्रस्ट की ओर से ही लगाई जाएगी।
कल ट्रस्ट की बैठक में होगी रिपोर्ट पर चर्चा
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने बताया कि चयन समिति की रिपोर्ट पर कल होने वाली ट्रस्ट की बैठक में चर्चा की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक में राम मंदिर के पहले CEO के नाम की घोषणा हो सकती है।हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नाम की घोषणा की जाए या नहीं, इसका अंतिम निर्णय ट्रस्ट ही करेगा।
राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन में CEO की होगी अहम भूमिका
राम मंदिर के निर्माण कार्य के साथ अब इसके दीर्घकालिक संचालन, प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न गतिविधियों के प्रबंधन को लेकर भी संस्थागत व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। ऐसे में पहले CEO की नियुक्ति को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फिलहाल सभी की निगाहें कल होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर टिकी हैं, जहां चयन समिति की रिपोर्ट पर मंथन के बाद राम मंदिर के पहले CEO के नाम को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।