वृंदावन, मथुरा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर वृंदावन में भाई-बहन के प्रेम और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। जिन बहनों के सगे भाई नहीं हैं या जिन्होंने भगवान बांके बिहारी को ही अपना भाई और रक्षक मान लिया है, उन्होंने अपने आराध्य के लिए राखियां, रोली-अक्षत, मिठाई, चॉकलेट, दक्षिणा और भावुक चिट्ठियां भेजी हैं। बांके बिहारी मंदिर में अब तक 30 हजार से अधिक राखियां और पत्र डाक व कूरियर के जरिए पहुंच चुके हैं।
चिट्ठियों में बांके बिहारी से साझा किया अपना सुख-दुख
बांके बिहारी को भेजी गई चिट्ठियों में भक्तों ने अपनी जिंदगी की परेशानियों से लेकर खुशियों तक का जिक्र किया है। कोई अपने परिवार की समस्या दूर करने की प्रार्थना कर रहा है तो कोई रोजगार, घर और बच्चों के भविष्य की चिंता भगवान के सामने रख रहा है। दिल्ली की रजनी सेठी ने अपनी चिट्ठी में बांके बिहारी से घर से जुड़ी परेशानी दूर करने और परिवार के लिए बेहतर भविष्य की कामना की है। वहीं मिथिलेश नाम की एक भक्त ने पति की खराब तबीयत, कर्ज, रोजगार और बेटे की चिंता बताते हुए बिहारी जी से मदद की गुहार लगाई है। इसके उलट कुछ चिट्ठियों में भक्तों ने अपनी खुशियां भी साझा की हैं। झांसी की रेनू ने राखी और टीका भेजकर बिहारी जी का हालचाल पूछा और अपनी कॉलोनी में बने नए शिव मंदिर की खुशी भी साझा की।
मंदिर की रेलिंग पर बांध रहीं राखी
रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां वृंदावन पहुंच रही हैं। कई बहनें डाक से राखी भेजने के बजाय खुद बांके बिहारी मंदिर पहुंचकर मंदिर की रेलिंग पर राखी बांध रही हैं। दूर से ही अपने आराध्य को प्रसाद अर्पित कर बहनें भाई के रूप में बांके बिहारी से सुख-समृद्धि और रक्षा का आशीर्वाद मांग रही हैं। कई भक्तों का कहना है कि उनके लिए बांके बिहारी केवल आराध्य नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य और भाई हैं। इसी भावना के साथ वे हर वर्ष रक्षाबंधन पर उन्हें राखी भेजती हैं।
सेवायत राखियां बांधकर बहनों तक भेजते हैं प्रसाद
मंदिर के सेवायत श्री नाथ गोस्वामी के मुताबिक, बड़ी संख्या में ऐसी बहनें हैं जिनके सगे भाई नहीं हैं। वे बांके बिहारी को अपना भाई और रक्षक मानकर राखी भेजती हैं। सेवायतों द्वारा इन राखियों को भगवान को अर्पित किया जाता है और भक्तों की ओर से भेजे गए पत्र भगवान को पढ़कर सुनाए जाते हैं। इसके बाद बिहारी जी का प्रसाद भक्तों तक भेजा जाता है।
वृंदावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
रक्षाबंधन को लेकर वृंदावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बांके बिहारी मंदिर और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
आस्था ने बदल दिया भाई-बहन के रिश्ते का अर्थ
बांके बिहारी मंदिर में पहुंच रही हजारों राखियां और चिट्ठियां केवल धार्मिक आस्था का उदाहरण नहीं हैं, बल्कि यह उस भावनात्मक रिश्ते की तस्वीर भी पेश करती हैं जिसमें भक्त अपने आराध्य को परिवार का हिस्सा मानकर उनसे मन की बात कहते हैं। किसी के लिए बिहारी जी भाई हैं, किसी के लिए रक्षक और किसी के लिए मुश्किल वक्त में आखिरी सहारा। रक्षाबंधन पर वृंदावन का यह दृश्य श्रद्धा, भावनाओं और भाई-बहन के अटूट विश्वास की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया है।