लखनऊ/मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मिर्जापुर की राजनीति में एक नया नाम चर्चा में है। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के जनता शक्ति पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में उतरने की खबरों ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिव्या मित्तल मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। प्रशासनिक सेवा में करीब 13 साल बिताने के बाद उन्होंने राजनीति के जरिए जनता के मुद्दों को उठाने का फैसला किया है।
दिव्या मित्तल के अगले राजनीतिक कदम को लेकर पिछले कई दिनों से अटकलें लगाई जा रही थीं। अब सामने आई खबरों में जनता शक्ति पार्टी के गठन और मिर्जापुर सदर से उनकी उम्मीदवारी का दावा किया गया है। हालांकि, चुनावी मैदान में उनकी औपचारिक उम्मीदवारी और पार्टी से जुड़ी विस्तृत जानकारी की पुष्टि उनके आधिकारिक वक्तव्य से की जानी चाहिए।
प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति में आने का फैसला
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उनके इस्तीफे को सितंबर में स्वीकार किए जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद उन्होंने 29 सितंबर को राजनीति में आने का फैसला सार्वजनिक किया।
दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक कदम के पीछे आम लोगों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने की इच्छा बताई थी। उनका कहना रहा है कि कई बार योजनाओं को मंजूरी और धन उपलब्ध होने के बावजूद उनका लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता। वह व्यवस्था में बदलाव लाने और जनता की आवाज बनने के उद्देश्य से राजनीति में सक्रिय होना चाहती हैं।
मिर्जापुर से रहा है पुराना जुड़ाव
दिव्या मित्तल मिर्जापुर में जिलाधिकारी के पद पर भी तैनात रह चुकी हैं। उनके कार्यकाल के दौरान लहुरियादह गांव में पाइप से पेयजल पहुंचाने की पहल ने उन्हें खास पहचान दिलाई थी। इस क्षेत्र से उनका पुराना प्रशासनिक जुड़ाव अब उनकी संभावित राजनीतिक पारी को लेकर चर्चा का प्रमुख कारण बन रहा है।
हाल के दिनों में मिर्जापुर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। नवरात्र के दौरान मां विंध्यवासिनी के दर्शन और जनसंपर्क गतिविधियों के बाद उनके चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हुईं। अब जनता शक्ति पार्टी और मिर्जापुर सदर सीट से जुड़े दावों के बाद जिले की राजनीति में उनकी भूमिका पर निगाहें टिकी हैं।
2027 के विधानसभा चुनाव पर नजर
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए नए राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं। यदि दिव्या मित्तल मिर्जापुर सदर से चुनाव लड़ती हैं, तो उनके सामने स्थानीय मुद्दों, संगठन निर्माण और मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने की चुनौती होगी।
मिर्जापुर की राजनीति में अपना दल (एस) और अन्य दलों की सक्रियता के बीच किसी नए राजनीतिक मंच का प्रवेश चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना सकता है। हालांकि, किसी उम्मीदवार के प्रभाव और चुनावी परिणाम का आकलन अभी करना जल्दबाजी होगी। दिव्या मित्तल की राजनीतिक रणनीति, पार्टी की संगठनात्मक तैयारी और स्थानीय स्तर पर मिलने वाले समर्थन से ही उनकी चुनावी दिशा स्पष्ट होगी।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल प्रशासनिक भूमिका से आगे बढ़कर राजनीति में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। जनता शक्ति पार्टी और मिर्जापुर सदर से चुनाव लड़ने की खबरों पर उनकी आधिकारिक घोषणा से स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।