लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए सामाजिक न्याय, जातीय जनगणना, शिक्षा और गरीबों के हितों को लेकर कई बड़े वादे किए। उन्होंने महाराजा खेत सिंह खंगार समाज को राजनीतिक सम्मान और प्रतिनिधित्व देने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वंचित वर्गों को आबादी के अनुपात में हक और सम्मान दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि जातीय जनगणना पूरे देश की मांग है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद तीन महीने के भीतर जातीय जनगणना कराने का काम शुरू किया जाएगा। उनके मुताबिक इसका उद्देश्य विभिन्न सामाजिक वर्गों की वास्तविक संख्या सामने लाकर उन्हें उनकी आबादी के हिसाब से अधिकार और सम्मान दिलाना है।
खंगार समाज को राजनीतिक सम्मान देने का भरोसा
सपा प्रमुख ने महाराजा खेत सिंह खंगार के समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी उनके सम्मान और राजनीतिक भागीदारी के लिए काम करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में सपा की सरकार बनने पर इस समाज को राजनैतिक सम्मान और उचित स्थान देकर उनका मनोबल बढ़ाया जाएगा।
26 हजार बंद किए जा रहे प्राथमिक स्कूलों को खोलने का दावा
अखिलेश यादव ने शिक्षा के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिन 26 हजार प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जाने की बात कही जा रही है, समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर उन्हें दोबारा चालू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल गरीब और सामान्य परिवारों के बच्चों की शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं और इन्हें मजबूत करना जरूरी है।
भाजपा पर लगाया गरीबों का पैसा बड़े उद्योगपतियों तक पहुंचाने का आरोप
सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर आर्थिक नीतियों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े धन्ना सेठों की पार्टी है और गरीबों से पैसा लेकर बड़े उद्योगपतियों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर सरकारी धन की कथित लूट और बर्बादी को रोककर उस पैसे को गरीबों के हित में खर्च किया जाएगा। उन्होंने सरकार की छवि सुधारने के लिए खर्च किए जा रहे धन को लेकर भी सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने दावा किया कि छवि सुधारने के लिए सात हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यदि 70 हजार करोड़ रुपये भी खर्च कर दिए जाएं तो सरकार की छवि सुधरने वाली नहीं है।
PDA को लेकर भी भाजपा पर निशाना
अखिलेश यादव ने अपने PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सामाजिक समीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा को PDA से परेशानी है। उन्होंने कहा कि PDA से जुड़े लोग प्रगतिशील हैं और विकास के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने सामाजिक भागीदारी और समान अवसर को लेकर सपा की राजनीति को आगे बढ़ाने की बात कही।
चौधरी चरण सिंह के नाम पर भाजपा को घेरा
सपा प्रमुख ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह किसानों के लिए संघर्ष करने वाले प्रमुख नेताओं में रहे हैं। अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यदि भाजपा वास्तव में चौधरी चरण सिंह का सम्मान करती है तो किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जरूरी सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने हैंडपंपों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यदि चौधरी चरण सिंह का सम्मान किया जाता है तो हैंडपंपों की संख्या तीन गुना की जानी चाहिए।
सपा ने सामने रखा सामाजिक न्याय और विकास का एजेंडा
अखिलेश यादव के बयान में जातीय जनगणना, सामाजिक भागीदारी, सरकारी स्कूलों की बहाली, गरीबों के लिए संसाधनों का इस्तेमाल और किसानों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी सत्ता में आने पर इन मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएगी। हालांकि, अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए भाजपा सरकार पर आरोप राजनीतिक दावे हैं। इनके संबंध में सरकार या भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।