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अयोध्या में भागवत कथा में आएंगे अखिलेश यादव, पवन पांडेय के घर धार्मिक आयोजन से बढ़ी सियासी हलचल

अयोध्या। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव श्रीमद्भागवत कथा सुनने जब अयोध्या आए तो वह चाहे जितना भी धार्मिक आयोजन हो तो उसमें राजनीतिक तड़का लगना ही है।

हम बात कर रहे हैं पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय पवन के यहां 2 अक्टूबर शुक्रवार से शुरू हो रही श्रीमद् भागवत कथा की जिसमें अखिलेश यादव ने आने की सहमति दी है। कथा की पूर्णाहुति 9 अक्टूबर को है, उसी दिन भंडारा भी। इस बीच किस तारीख को आएंगे वह, यह अभी तय नहीं। पूर्व मंत्री पवन के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यक्रम में आने की सहमति दी है।

अखिलेश की सहमति के बाद माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के हिंदुत्व की धार को कुंद करने की स्क्रिप्ट समाजवादी पार्टी ने संभवत: अयोध्या से लिखने का मन बनाया है। श्रीमद् भागवत कथा पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय पवन के पूराबाजार ब्लाक के कृष्णापुर आवास पर है। पिता के गया से लौटने के बाद करा रहे हैं।

वह अपनी पत्नी की आत्मा की शांति के लिए गयाजी गये थे। हिंदू मान्यता है कि दिवंगत आत्मा की मोक्ष के लिए गयाजी जाना जरूरी होता है। यह आयोजन उसी क्रम में है। अखिलेश यादव के आने से इस धार्मिक आयोजन पर राजनीतिक रंग धीरे-धीरे चढ़ने लगा है। संभवत: अयोध्या में कथा सुनने आने का अखिलेश का यह पहला कार्यक्रम होगा। चर्चा तो यह भी है इसी के बहाने पार्टी की भारतीय जनता पार्टी को अयोध्या से जवाब देने की भी तैयारी है जिस हिंदुत्व को अपने लिए पेटेंट बता कर समाजवादी पार्टी की आलोचना करती रही है।

पहली बार उसी अयोध्या की धरती पर अखिलेश के कथा सुनने के लिए आने से कार्यकर्ताओं को भाजपा को जवाब देने के लिए मानो मुंह मांगी मुराद मिल गई है। पूर्व मंत्री पवन को अयोध्या विधानसभा सीट से 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर चुके हैं। पवन 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के पहले घोषित उम्मीदवार हैं। इसी विधानसभा क्षेत्र में उनका गांव कृष्णापुर भी है, जहां यह कथा आयोजित है।

इसलिए धीरे-धीरे उसे पर राजनीति का रंग चटक होने लगा है। पवन इसे विशुद्ध रूप से धार्मिक आयोजन बता राजनीति रंग देने को गलत मानते हैं। कहाकि राष्ट्रीय अध्यक्ष को घर पर आयोजित धार्मिक आयोजन के लिए मिलकर आमंत्रण देना स्वाभाविक है। इससे पहले सांसद अवधेश प्रसाद परिवार समेत राम मंदिर दर्शन कर भाजपा के आरोपों को कुंद कर चुके हैं।

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