• Tue. Sep 29th, 2026

मायावती के बयान पर चंद्रशेखर आजाद का पलटवार, बोले- नगीना की जनता ने जनादेश दिया: युवाओं के रोजगार पर सरकार से सवाल

शामली। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बसपा प्रमुख मायावती द्वारा नगीना से आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद की जीत को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद उन्होंने पलटवार किया है। मायावती ने सोमवार को आरोप लगाया था कि भाजपा ने साजिश के तहत चंद्रशेखर आजाद को नगीना से चुनाव जिताया और उनका कोई खास जनाधार नहीं था।

शामली के भैशानी गांव में जनसभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने मायावती के प्रति सम्मान जताया, लेकिन उनके बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नगीना की जनता ने उन्हें लोकसभा चुनाव में जनादेश दिया है। चंद्रशेखर ने कहा कि वह दोबारा चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार हैं और जनता के बीच जाने में उन्हें कोई संकोच नहीं है। उनकी ओर से नगीना के मतदाताओं के जनादेश को चुनावी साजिश से जोड़ने पर आपत्ति जताई गई।

मायावती के सम्मान की बात, भाजपा से गठजोड़ का जिक्र

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह मायावती का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्होंने उनके राजनीतिक अतीत का उल्लेख करते हुए कहा कि मायावती भाजपा के साथ मिलकर तीन बार सरकार बना चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में मौजूदा राजनीतिक आरोपों पर भी सवाल उठते हैं।

चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि उनकी राजनीति किसी व्यक्ति के विरोध पर आधारित नहीं है। उनका दावा है कि वह सामाजिक न्याय, बहुजन समाज के सम्मान और संविधान की बात को लेकर राजनीति कर रहे हैं।

रोजगार और भर्ती परीक्षाओं पर सरकार को घेरा

जनसभा में चंद्रशेखर ने युवाओं के रोजगार और भर्ती परीक्षाओं को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की उम्मीद करने वाले युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर क्यों नहीं मिल रहे हैं।

उन्होंने भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। इसके अलावा उन्होंने मस्जिदों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। चंद्रशेखर ने कहा कि गरीब परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं और डिग्री हासिल करने के बाद युवाओं को नौकरी की तलाश में दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ता है। उन्होंने शामली क्षेत्र में रोजगार और उद्योग के अवसर बढ़ाने की मांग भी उठाई।

‘जनता ने बता दिया कौन है चंद्रशेखर’

मायावती के आरोपों के जवाब में चंद्रशेखर आजाद ने अपने हालिया बयान में कहा कि जिन लोगों ने कभी उनकी राजनीतिक पहचान पर सवाल उठाए थे, उन्हें जनता ने जवाब दिया है। उन्होंने नगीना में मिले जनादेश का उल्लेख करते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना। चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम की पारदर्शिता पर सवाल उठाना सभी का अधिकार है। उन्होंने स्वयं भी अधिकतम पारदर्शिता और मतपत्र से चुनाव की मांग किए जाने की बात कही।

2027 से पहले दलित राजनीति को लेकर बढ़ी बयानबाजी

मायावती और चंद्रशेखर आजाद के बीच ताजा बयानबाजी ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। मायावती ने नगीना लोकसभा चुनाव के परिणाम और ईवीएम को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि चंद्रशेखर ने इन आरोपों को नकारते हुए नगीना के मतदाताओं के जनादेश का हवाला दिया है।

दोनों नेताओं के बयानों से साफ है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति और नगीना के राजनीतिक जनादेश को लेकर बहस और तेज हो सकती है। हालांकि, दोनों पक्षों के राजनीतिक दावे अपने-अपने बयानों पर आधारित हैं।

Leave a Reply