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UP News: यूपी में 1,606 करोड़ की 65 मेडिकल परियोजनाएं तैयार, लखनऊ में बनेगा 1010 बेड का अस्पताल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन के विस्तार के बाद अब चिकित्सा संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों में करीब 1,606.83 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाएं शिलान्यास और लोकार्पण के लिए तैयार हैं। इनमें करीब 1,400.70 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं का शिलान्यास और 206.13 करोड़ रुपये की 21 परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

इन परियोजनाओं में नए अस्पताल भवनों के साथ छात्रावास, लेक्चर थिएटर, परीक्षा भवन, नर्सिंग कॉलेज, ट्रॉमा सेंटर, एमसीएच सेंटर, संक्रामक रोग चिकित्सालय, ट्रांसप्लांट यूनिट, सीवरेज और जलापूर्ति जैसी सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा। देश में मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों के विस्तार के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार 2014 से पहले देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, जो 2026 में बढ़कर 846 हो गए हैं।

लखनऊ में 855 करोड़ से बनेगा 1010 बेड का अस्पताल

प्रस्तावित परियोजनाओं में सबसे बड़ी परियोजना डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ की है। गोमतीनगर विस्तार स्थित नए परिसर में निर्मित बेसमेंट के ऊपर 1010 शैय्या के अस्पताल भवन का निर्माण करीब 855.04 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है।

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में करीब 43.68 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला रोगी सहायक आधुनिक कैंटीन प्रस्तावित है। वहीं कानपुर मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध चिकित्सालयों में नए जनरेटर के साथ करीब 49.40 करोड़ रुपये की लागत से संक्रामक रोग चिकित्सालय बनाने की तैयारी है।

मेरठ में ट्रॉमा सेंटर से मातृ-शिशु स्वास्थ्य तक विस्तार

मेरठ मेडिकल कॉलेज में मौजूदा लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर को 100 बेड के लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर में विकसित करने पर करीब 48.15 करोड़ रुपये खर्च प्रस्तावित हैं। बाल रोग विभाग में एमसीएच सेंटर के निर्माण पर करीब 34.82 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा सीवरेज व्यवस्था, महिला एवं पुरुष पीजी छात्रावास, जलापूर्ति सिस्टम, 10 एमएलडी एसटीपी और बिजली से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा।

मेडिकल सीटें बढ़ीं तो हॉस्टल और अकादमिक सुविधाएं भी बढ़ेंगी

झांसी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस यूजी सीटों में वृद्धि को देखते हुए बहुमंजिला भवन में लेक्चर थिएटर, वातानुकूलित पुस्तकालय, कॉन्फ्रेंस हॉल, कैफेटेरिया और परीक्षा हॉल के निर्माण पर करीब 28.44 करोड़ रुपये खर्च प्रस्तावित हैं। इसके साथ 272 बेड के यूजी बालिका छात्रावास के निर्माण पर करीब 26.89 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एटा में बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। कुशीनगर में 100 बेड गर्ल्स हॉस्टल, 100 बेड बॉयज हॉस्टल और एसटीपी जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। अयोध्या मेडिकल कॉलेज में 100 शैय्या इंटर्नशिप हॉस्टल, 100 शैय्या बॉयज हॉस्टल और 100 शैय्या यूजी गर्ल्स हॉस्टल समेत अन्य निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।

नर्सिंग शिक्षा के विस्तार पर भी जोर

प्रदेश में चिकित्सकों के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग मानव संसाधन तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। शिलान्यास वाली परियोजनाओं में गोंडा मेडिकल कॉलेज में करीब 9.93 करोड़ रुपये से नर्सिंग कॉलेज की स्थापना शामिल है।

लोकार्पण के लिए तैयार परियोजनाओं में बहराइच, अयोध्या और हरदोई के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों के नर्सिंग कॉलेज भी शामिल हैं। सहारनपुर मेडिकल कॉलेज में करीब 20.82 करोड़ रुपये की लागत से 60 सीट वाले बीएससी नर्सिंग कॉलेज और ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में करीब 20.82 करोड़ रुपये से कॉलेज ऑफ नर्सिंग की परियोजना भी सूची में है।

मरीजों के इलाज से लेकर मेडिकल छात्रों की सुविधा तक

जौनपुर के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सक आवास, विभिन्न श्रेणी के आवास, 200 क्षमता वाले दो व्याख्यान कक्ष, इंटर्न पुरुष छात्रावास, फैकल्टी पार्किंग, फायर फाइटिंग सिस्टम और गेस्ट हाउस समेत कई काम प्रस्तावित हैं।

मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस छात्रों के लिए 160 क्षमता और छात्राओं के लिए 140 क्षमता वाले छात्रावास के साथ चार व्याख्यान कक्षों में ध्वनिरोधक निर्माण कार्य प्रस्तावित है।

बस्ती के ओपेक चिकित्सालय कैली में क्लीनिकल ब्लॉक का निर्माण प्रस्तावित है। वहीं लोकार्पण वाली परियोजनाओं में अस्पताल परिसर में गेस्ट हाउस, बैंक, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और शवगृह जैसे भवन शामिल हैं। शाहजहांपुर में इमरजेंसी विभाग के जीर्णोद्धार एवं निर्माण तथा नर्सिंग कॉलेज से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं।

206 करोड़ की 21 परियोजनाएं लोकार्पण के लिए तैयार

करीब 206.13 करोड़ रुपये की 21 परियोजनाएं लोकार्पण के लिए तैयार हैं। कानपुर मेडिकल कॉलेज में बढ़ी यूजी सीटों के अनुरूप मेडिकल रिकॉर्ड सेक्शन और यूजी बॉयज हॉस्टल विस्तार की परियोजना शामिल है।

मानसिक रोग विभाग में एमडी साइकियाट्री पाठ्यक्रम के लिए विभाग का विस्तार और डी-एडिक्शन वार्ड ब्लॉक भी लोकार्पण सूची में है। मेरठ मेडिकल कॉलेज में 100 बेड गर्ल्स हॉस्टल, 100 बेड बॉयज हॉस्टल, 100 बेड इंटर्न हॉस्टल, परीक्षा भवन विस्तार और लेक्चर थिएटर तैयार हैं।

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बहुमंजिला डबल सीटेड गर्ल्स छात्रावास भी लोकार्पण वाली परियोजनाओं में शामिल है।

किडनी, लिवर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट की दिशा में कदम

सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की परियोजना महत्वपूर्ण है। संस्थान के मुख्य चिकित्सा भवन की छठी और सातवीं मंजिल पर किडनी, लिवर और बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन यूनिट स्थापित करने की परियोजना लोकार्पण सूची में शामिल है। इसकी लागत करीब 18.22 करोड़ रुपये है।

इसके अलावा संस्थान के 200 बेड वाले राम प्रकाश गुप्ता मेमोरियल मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में रेडियोलॉजिकल ब्लॉक के पास 100 मरीजों की क्षमता वाला वेटिंग हॉल भी तैयार परियोजनाओं में शामिल है।

मेडिकल एजुकेशन के विस्तार को अब इंफ्रास्ट्रक्चर की ताकत

प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा की क्षमता बढ़ाने के बाद अब अस्पतालों और संस्थानों के बुनियादी ढांचे को उसी अनुपात में मजबूत करने पर जोर है। 1,606.83 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाएं इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

एक ओर 1010 बेड का नया अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और ट्रांसप्लांट जैसी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, लेक्चर थिएटर, परीक्षा भवन, चिकित्सक आवास, जलापूर्ति, सीवरेज और फायर सेफ्टी जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। इससे प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के साथ मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा संस्थानों की क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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