नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर और मध्य भारत के साथ पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है।
IMD के ताजा बुलेटिन में 5 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और 6 से 8 सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार में 5 से 8 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
दिल्ली-NCR में बारिश का दौर जारी
राजधानी दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्रों में शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद मौसम सुहावना होने के साथ कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। IMD के अनुसार 5 सितंबर को भी दिल्ली में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। शुक्रवार को दिल्ली के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई और खराब मौसम का असर यातायात तथा उड़ान संचालन पर भी पड़ा।
मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
यूपी में पश्चिमी हिस्सों पर ज्यादा असर
उत्तर प्रदेश में मौसम को लेकर जिलेवार स्थिति अलग-अलग है। IMD के 5 सितंबर के अपडेट के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 5 सितंबर को कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि 6 से 8 सितंबर के बीच पूर्वी यूपी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों में भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। हमीरपुर के राठ में 75 मिमी और ललितपुर के तालबेहट में 72 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बिहार में 8 सितंबर तक बारिश की संभावना
बिहार में भी बारिश का सिलसिला थमने के आसार नहीं हैं। IMD के पटना केंद्र ने 5 से 8 सितंबर तक राज्य में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश
मध्य प्रदेश में 5 और 6 सितंबर को कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। IMD ने पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 5 से 8 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है।
वहीं पूर्वी राजस्थान में 5 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके चलते नदी-नालों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। IMD ने उत्तराखंड में 5 से 10 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 5 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में लोगों और पर्यटकों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।
जम्मू-कश्मीर में भी मौसम पर नजर
जम्मू-कश्मीर में 4 सितंबर को बारिश और गरज-चमक के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना जताई गई थी। IMD ने जम्मू क्षेत्र में अचानक तेज बारिश की स्थिति में स्थानीय स्तर पर फ्लैश फ्लड, मडस्लाइड और भूस्खलन की आशंका को लेकर सावधानी बरतने को कहा है। हालांकि 5 सितंबर से 10 सितंबर के बीच जम्मू-कश्मीर में मौसम सामान्यतः शुष्क रहने का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग की लोगों को सलाह
IMD के अलर्ट के बीच लोगों को सलाह दी गई है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदान, पेड़, पोल और अन्य ऊंची वस्तुओं के नीचे खड़े न हों। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग भूस्खलन संभावित मार्गों और नालों के आसपास जाने से बचें।
किन राज्यों में बारिश का असर?
उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर
मध्य भारत: मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से
पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम
पूर्वोत्तर: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।