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राम मंदिर CEO पद के लिए दूसरे दिन भी इंटरव्यू, 10 आवेदकों को बुलाया गया, ट्रस्टियों के फैसले पर टिकी निगाहें

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद पर नियुक्ति को लेकर चयन प्रक्रिया दूसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को दूसरे चरण के साक्षात्कार के लिए 10 आवेदकों को बुलाया गया था। इनमें से दो आवेदक साक्षात्कार में शामिल नहीं हो सके, जबकि आठ उम्मीदवारों ने श्रीराम जन्मभूमि परिसर में आयोजित इंटरव्यू में हिस्सा लिया। चयन प्रक्रिया को लेकर राम मंदिर से जुड़े लोगों और प्रशासनिक हलकों में भी उत्सुकता बनी हुई है। श्रीराम जन्मभूमि परिसर के ग्रीन हाउस में आयोजित साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवारों से उनकी प्रशासनिक क्षमता, प्रबंधन कौशल, समन्वय क्षमता और मंदिर से जुड़े दायित्वों को संभालने की समझ से संबंधित सवाल पूछे गए। माना जा रहा है कि चयन समिति ने उम्मीदवारों की नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा, मंदिर व्यवस्था और विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की क्षमता को भी परखा।

पहले दिन पूछे गए सवालों के इर्द-गिर्द ही रहा इंटरव्यू

दूसरे दिन साक्षात्कार में शामिल उम्मीदवारों को भी कई ऐसे सवालों का सामना करना पड़ा, जो पहले दिन इंटरव्यू देने वाले आवेदकों से पूछे गए थे। CEO पद की जिम्मेदारी को देखते हुए उम्मीदवारों की प्रशासनिक दक्षता के साथ उनकी कार्यशैली और निर्णय लेने की क्षमता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पद पर नियुक्त होने वाले अधिकारी को मंदिर ट्रस्ट, प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा। इसके अलावा देश-दुनिया से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करना भी बड़ी चुनौती होगी।

IAS-IPS के साथ सेना के रिटायर्ड अफसर भी दौड़ में

CEO पद के लिए आमंत्रित आवेदकों में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। दूसरे दिन के साक्षात्कार में सेना से जुड़े चार अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इन उम्मीदवारों के अनुभव और नेतृत्व क्षमता को भी चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मीडिया तक सामने आए कुछ नामों की प्रशासनिक एवं पेशेवर पृष्ठभूमि मजबूत बताई जा रही है। हालांकि, अंतिम चयन में केवल अनुभव और पद की वरिष्ठता ही निर्णायक नहीं होगी। मंदिर ट्रस्ट के साथ समन्वय, संस्थागत अपेक्षाओं के अनुरूप काम करने की क्षमता और श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अंतिम फैसला राम मंदिर ट्रस्ट को लेना है

राम मंदिर CEO की नियुक्ति को लेकर अंतिम निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टियों को करना है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों के अनुभव, प्रशासनिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता और समन्वय कौशल समेत विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाएगा। राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और परिसर में विस्तार पा रही व्यवस्थाओं को देखते हुए CEO का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में नए अधिकारी से मंदिर की व्यवस्थाओं के संचालन के साथ-साथ विभिन्न विभागों और संस्थाओं के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने की अपेक्षा होगी।

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