गोण्डा। बच्चों को कृमि संक्रमण से मुक्त कर स्वस्थ और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सोमवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के सभागार में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने छात्राओं को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में ‘स्वस्थ बचपन–उज्ज्वल भविष्य’ और ‘छोटा कदम, बड़ा स्वास्थ्य लाभ’ की थीम के जरिए बच्चों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
कृमि संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता जरूरी
कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को कृमि संक्रमण से होने वाले दुष्प्रभावों, बचाव के उपायों और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को पेट के कीड़ों से मुक्त रखना उनके स्वास्थ्य, पोषण और शारीरिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यालयों, अभिभावकों और स्वास्थ्य विभाग से मिलकर अभियान को प्रभावी बनाने की अपील की, ताकि बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के साथ उनके समग्र स्वास्थ्य में सुधार किया जा सके।
5,181 स्कूल और 3,095 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलेगा अभियान
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत 5,181 विद्यालयों और 3,095 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुल 18,45,736 बच्चों को डिवर्मिंग दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कृमि संक्रमण को नियंत्रित करना और उनके पोषण, शारीरिक विकास एवं समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
हाथ धोने से लेकर साफ नाखून रखने तक समझाया महत्व
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ पानी पीने, नाखून साफ रखने और घर तथा आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से भी अभियान में सक्रिय सहयोग करने तथा बच्चों को निर्धारित कृमिनाशक दवा अवश्य दिलाने की अपील की।
छात्राओं की शिकायत पर DM ने लिया तत्काल संज्ञान
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। छात्राओं ने बताया कि विद्यालय के बाथरूम में साफ-सफाई की आवश्यकता है। इसके अलावा कुछ कक्षाओं में लगे पंखे भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।छात्राओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही जिला विद्यालय निरीक्षक और विद्यालय प्रधानाचार्य को दोनों समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को विद्यालय में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। विद्यालय में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी के साथ साफ-सफाई और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्वस्थ बच्चों से बनेगा उज्ज्वल भविष्य
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के जरिए जिले में बच्चों को संक्रमण से बचाने के साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने पर जोर दिया गया। अभियान के माध्यम से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक बच्चों तक कृमिनाशक दवा पहुंचाई जाए और उन्हें स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी स्वच्छता संबंधी आदतों से जोड़ा जाए। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीके वर्मा, डॉ. आदित्य वर्मा, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, डीपीएम अमरनाथ, डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह, डीईआइसी एवं आरकेएसके से संबंधित अधिकारी रंजीत राठौर समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।