अयोध्या। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं समाजवादी पार्टी नेता पवन पाण्डेय ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ब्राह्मण समाज के सम्मान, अधिकार और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने को लेकर डिप्टी सीएम से सवाल किए। पवन पाण्डेय ने कहा कि ब्राह्मण समाज के साथ अन्याय और अपमान की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, ऐसे में समाज की अपेक्षा अपने ही समाज से आने वाले उपमुख्यमंत्री से अधिक है। पवन पाण्डेय ने कहा कि किसी ब्राह्मण परिवार के घर जाकर चाय-नाश्ता करना, सांत्वना देना या तस्वीर खिंचवा लेना पर्याप्त नहीं है। सवाल यह है कि कितने पीड़ित ब्राह्मण परिवारों को न्याय मिला और कितने मामलों में दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई कराई गई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दो कार्यकाल पूरे होने को हैं, लेकिन ब्राह्मण समाज आज भी अपने हिस्से के न्याय को लेकर सवाल कर रहा है।
बस्ती से लखनऊ तक के मामलों का किया जिक्र
सपा नेता ने अपने बयान में शंकराचार्य के कथित अपमान, बटुकों से जुड़े विवाद और बस्ती के कबीर तिवारी हत्याकांड, लखनऊ के विवेक तिवारी हत्याकांड, सुल्तानपुर के घनश्याम शुक्ला हत्याकांड तथा उन्नाव की खुशी दुबे से जुड़े मामले का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए उपमुख्यमंत्री ने क्या प्रभावी कदम उठाए।
अखिलेश यादव पर टिप्पणी को लेकर भी साधा निशाना
पवन पाण्डेय ने ब्रजेश पाठक द्वारा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर की जाने वाली टिप्पणियों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बार-बार अखिलेश यादव पर टिप्पणी करने के बजाय उपमुख्यमंत्री को अपने पद, कार्यकाल और समाज के प्रति जिम्मेदारी का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज जागरूक और बुद्धिजीवी वर्ग है तथा वह केवल राजनीतिक बयानों के आधार पर किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है।
दूसरों पर टिप्पणी से पहले अपनी जिम्मेदारी का हिसाब देखें
पवन पाण्डेय ने अपने बयान के अंत में कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले व्यक्ति को अपने पद, अपने कार्यकाल और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का मूल्यांकन करना चाहिए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, आसमान की तरफ मुंह करके थूकेंगे तो थूक लौटकर अपने ऊपर ही गिरता है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही और पीड़ित परिवारों के न्याय के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।