लखनऊ। पुलिस स्मृति दिवस-2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने कर्तव्यपालन के दौरान प्राणों का बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए ‘वर्दी’ शीर्षक से विशेष लघु फिल्म रिलीज की है। फिल्म में शहीद जवानों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ उनके परिवारों के जीवन में बलिदान के बाद आए बदलावों और भावनात्मक संघर्ष को भी दर्शाया गया है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में तैयार इस फिल्म को उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया है।
फिल्म में कीर्ति चक्र से सम्मानित उत्तर प्रदेश एसटीएफ के शहीद निरीक्षक सुनील कुमार के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अक्टूबर को स्वर्गीय सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को नकद धनराशि और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया था।
शहीद परिवारों के मौन इंतजार और भावनात्मक संघर्ष की कहानी
‘वर्दी’ के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों के बलिदान पर उनके परिवारों को गर्व होता है, लेकिन अपनों की अनुपस्थिति से पैदा हुआ खालीपन और पीड़ा भी उनके जीवन का हिस्सा बन जाती है। फिल्म शहीदों के परिवारों के उस मौन इंतजार और भावनात्मक संघर्ष को सामने लाती है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना अक्सर मुश्किल होता है।
फिल्म का निर्देशन फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित निर्देशक, लेखक और अभिनेता तिग्मांशु धूलिया ने किया है। इसमें अभिनेता अमित साध, वरिष्ठ टेलीविजन अभिनेत्री अलका अमीन और नाज़िश ख़ान ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं।
फिल्म का वॉयस ओवर और पटकथा उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर में तैनात आरक्षी कपिल दिनकर ने तैयार की है। इसका क्रिएटिव डायरेक्शन पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के जनसंपर्क अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक राहुल श्रीवास्तव ने किया है। फिल्म का निर्माण सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से हुआ है, जबकि इसकी शूटिंग मुंबई में की गई है।
‘पान सिंह तोमर’ के निर्देशक हैं तिग्मांशु धूलिया
तिग्मांशु धूलिया हिंदी सिनेमा में ‘हासिल’, ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’, ‘पान सिंह तोमर’, ‘बुलेट राजा’ और ‘राग देश’ जैसी फिल्मों के लिए पहचाने जाते हैं। उनकी निर्देशित फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ को 60वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला था। इसी फिल्म की पटकथा के लिए तिग्मांशु धूलिया और संजय चौहान को फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
अमित साध ‘काई पो छे!’, ‘सुल्तान’, ‘गोल्ड’, ‘सरकार 3’ और ‘शकुंतला देवी’ जैसी फिल्मों के अलावा ‘ब्रीद’ और ‘ब्रीद: इन्टू द शैडोज़’ जैसी वेब सीरीज में अभिनय कर चुके हैं। वरिष्ठ अभिनेत्री अलका अमीन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की पूर्व छात्रा हैं और ‘दम लगा के हईशा’ तथा ‘बधाई हो’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जानी जाती हैं।
शामली मुठभेड़ में घायल होने के बाद शहीद हुए थे निरीक्षक सुनील कुमार
उत्तर प्रदेश एसटीएफ के निरीक्षक सुनील कुमार ने जनवरी 2025 में शामली में बदमाशों के साथ मुठभेड़ के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया था। 20-21 जनवरी की मध्यरात्रि को मुकीम काला गैंग के बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में वह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने एसटीएफ टीम का नेतृत्व जारी रखा।
पुलिस के अनुसार, टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक लाख रुपये के इनामी बदमाश अरशद समेत चार बदमाश मारे गए। मुठभेड़ में लगी गोलियों के कारण निरीक्षक सुनील कुमार 22 जनवरी 2025 को वीरगति को प्राप्त हुए। उनके साहस और बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।
पुलिस स्मृति दिवस पर रिलीज की गई ‘वर्दी’ के जरिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने शहीद जवानों के त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को याद करने के साथ उनके परिवारों के संघर्ष को भी सामने लाने का प्रयास किया है। फिल्म का उद्देश्य पुलिसकर्मियों के बलिदान के प्रति सम्मान और राष्ट्रसेवा की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।