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वाराणसी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ के लिए 11,900 पुलिसकर्मी तैनात, 79 अस्थायी थाने बनाए गए

वाराणसी। भारतीय सेना और वायु सेना के शौर्य, साहस और सामरिक क्षमता का प्रदर्शन करने वाले एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ को लेकर योगी सरकार ने सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं। वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 15 से 20 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। अंतिम दिन 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सेना-वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

आसमान में वायु सेना के विमान अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, वहीं जमीन पर उत्तर प्रदेश पुलिस भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी। पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट मोहित अग्रवाल के अनुसार, आयोजन की सुरक्षा के लिए 11,900 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और 79 अस्थायी पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं। पुलिस के साथ पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बम निरोधक दस्ता और एटीएस की टीमें भी मुस्तैद रहेंगी। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, एयरपोर्ट और प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मी दर्शकों को निर्धारित रास्तों से आयोजन स्थल तक पहुंचाने में मदद करेंगे।

चार ट्रैफिक प्लान से संभलेगा यातायात

संभावित भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए चार अलग-अलग ट्रैफिक प्लान तैयार किए गए हैं। यातायात व्यवस्था को आंतरिक और बाहरी, दो हिस्सों में बांटकर अलग-अलग डायवर्जन, बैरियर और वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। परिस्थितियों के अनुसार योजनाएं लागू की जाएंगी। बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।

दर्शकों की सुविधा के लिए घाटों को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। हर जोन के लिए पार्किंग स्थल और प्रवेश मार्ग तय किए गए हैं। शहर से आने वाले दर्शकों को गंगा के इस पार निर्धारित पार्किंग और दर्शक स्थलों की ओर भेजा जाएगा, जबकि दूसरे जिलों से आने वालों के लिए रामनगर-पड़ाव क्षेत्र में पार्किंग और आवागमन की व्यवस्था होगी। प्रमुख मार्गों, पार्किंग स्थलों और प्रवेश बिंदुओं पर तैनात पुलिसकर्मी लोगों को दिशा-निर्देश देंगे।

तीन ग्रीन कॉरिडोर, आठ अस्थायी अस्पताल और 100 एंबुलेंस

मुख्य चिकित्सा अधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाएंगे। सर सुंदरलाल अस्पताल, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल और पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल समेत प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों को चिह्नित किया गया है। इसके अलावा आठ अस्थायी अस्पताल और 100 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। भीड़ की निकासी, वीवीआईपी आवागमन और आपात स्थितियों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किए गए हैं।

घाटों पर डबल बैरिकेडिंग, 25 वॉच टावर से निगरानी

गंगा घाटों पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग एकल मार्ग बनाए गए हैं। भीड़ नियंत्रित करने के लिए डबल बैरिकेडिंग की गई है। सभी घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और निगरानी के लिए 25 वॉच टावर बनाए गए हैं। घाटों, प्रमुख मार्गों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों को पब्लिक एड्रेस सिस्टम से जोड़ा गया है। प्रवेश बिंदुओं पर डोर फ्रेम और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी।

डुमरी से सत्ती घाट और आदि केशव से दशाश्वमेध घाट तक करीब 5.5-5.5 किलोमीटर के हिस्से में डबल बैरिकेडिंग की गई है। नमो घाट से सामने घाट तक तथा प्रमुख संपर्क मार्गों और गलियों में दिशा-सूचक बोर्ड लगाए गए हैं। सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम, साइबर सुरक्षा टीम और नदी में सुरक्षाबलों की तैनाती भी की गई है।

नावों के संचालन पर रोक, जल पुलिस और गोताखोर रहेंगे मुस्तैद

एयर शो के दौरान गंगा में सुरक्षा के मद्देनजर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक निजी नावों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। घाटों और नदी क्षेत्र में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी की बाढ़ राहत कंपनियों और जल पुलिस की तैनाती की गई है। स्थानीय गोताखोरों को भी बचाव कार्य के लिए तैयार रखा जाएगा। घाटों पर दो वाटर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। पार्किंग और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पेयजल, शौचालय और अन्य जनसुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

दर्शकों से ‘सर’ और ‘मैडम’ कहकर बात करेंगे पुलिसकर्मी

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि दर्शकों के साथ शिष्ट और सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल का प्रशिक्षण दिया गया है। पुलिसकर्मी लोगों को बिना छुए विनम्रता से सहयोग करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए घाटों और नगर क्षेत्र को जोन, सेक्टर तथा सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है।

घाटों के दोनों ओर पांच किलोमीटर तक ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध

एयर शो की संवेदनशीलता को देखते हुए गंगा घाटों के दोनों ओर पांच किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। अनधिकृत ड्रोन संचालन करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंधित क्षेत्र में संदिग्ध उड़ान गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी

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