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यूपी के 96% कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खान एकेडमी से जुड़े, 80 हजार से अधिक छात्राओं का पंजीकरण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने के प्रयासों के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की छात्राओं को गणित और विज्ञान में दक्ष बनाने के लिए खान एकेडमी के माध्यम से डिजिटल अभ्यास कराया जा रहा है। एक से 15 अक्टूबर की मध्य-माह प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 96 प्रतिशत केजीबीवी इस मंच पर पंजीकृत हैं। अब तक 80,078 छात्राओं ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 66,996 के अकाउंट सक्रिय हो चुके हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 30,503 छात्राओं ने निर्धारित मासिक लक्ष्य का कम से कम 50 प्रतिशत हासिल किया है। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में गणित और विज्ञान की विषयगत समझ विकसित करना, नियमित अभ्यास की आदत बढ़ाना और सीखने की दक्षता मजबूत करना है।

सहारनपुर, गाजियाबाद और खीरी की छात्राओं का बेहतर प्रदर्शन

जनपदवार प्रदर्शन में सहारनपुर, गाजियाबाद और खीरी की छात्राओं ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार, सहारनपुर में 92 प्रतिशत, गाजियाबाद में 89 प्रतिशत और खीरी में 81 प्रतिशत छात्राओं ने निर्धारित मासिक लक्ष्य का कम से कम 50 प्रतिशत पूरा किया।

इन आंकड़ों से इन जिलों में डिजिटल अभ्यास के उपयोग और छात्राओं को नियमित रूप से सीखने की गतिविधियों से जोड़ने के प्रयासों की स्थिति सामने आती है। विद्यालयों में शिक्षकों का मार्गदर्शन और छात्राओं को निरंतर अभ्यास के लिए प्रोत्साहित करना इस कार्यक्रम के लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण है।

गणित और विज्ञान के चार-चार कौशलों पर जोर

खान एकेडमी कार्यक्रम के तहत प्रत्येक छात्रा को गणित और विज्ञान में कम से कम चार-चार कौशलों में दक्षता हासिल करने का मासिक लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए छात्राओं को प्रोफिशिएंट/मास्टर्ड यानी दक्षता के निर्धारित स्तर तक पहुंचने के लिए डिजिटल मंच पर अभ्यास करना होता है।

इस व्यवस्था से छात्राओं को अपनी गति के अनुसार अभ्यास करने और विषयों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है। गणित और विज्ञान जैसे विषयों में नियमित अभ्यास से बुनियादी अवधारणाओं को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। डिजिटल संसाधनों का उपयोग सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहभागितापूर्ण बनाने के साथ छात्राओं की प्रगति पर नजर रखने में भी सहायक है।

आधुनिक संसाधनों से बालिका शिक्षा को मजबूत करने का प्रयास

प्रदेश में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। खान एकेडमी जैसे डिजिटल मंच के माध्यम से छात्राओं को विषयगत कौशल विकसित करने और निर्धारित शैक्षिक लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बेसिक शिक्षा संदीप सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केजीबीवी की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शिक्षण संसाधनों के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार, खान एकेडमी के माध्यम से गणित और विज्ञान में दक्षता विकसित करने की पहल बालिका सशक्तीकरण को नई दिशा देती है।

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि खान एकेडमी के माध्यम से छात्राओं को गणित और विज्ञान के कौशल विकसित करने के लिए डिजिटल अभ्यास का अवसर मिल रहा है। विभाग का प्रयास है कि विद्यालयों में इस मंच का प्रभावी उपयोग हो और अधिक से अधिक छात्राएं निर्धारित शिक्षण लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ें।

डिजिटल अभ्यास के साथ नियमित निगरानी, शिक्षकों का मार्गदर्शन और छात्राओं को प्रोत्साहन मिलने से इस पहल को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इसका उद्देश्य बालिकाओं को तकनीक आधारित शिक्षण अवसर उपलब्ध कराकर उनकी शैक्षिक दक्षता को मजबूत करना है।

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