अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा राशि की गिनती और उससे जुड़ी अनियमितताओं के विवाद के बाद ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में किए गए बदलाव का असर अब मंदिर परिसर के निर्माण और संचालन पर भी दिखाई देने लगा है। लंबित भुगतानों के चलते प्रभावित हुए कई निर्माण कार्यों को करीब पांच करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के बाद फिर गति मिली है। ट्रस्ट में प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था में बदलाव के तहत महेश भागचंदका को नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
नए कोषाध्यक्ष के कार्यभार संभालने के बाद लंबित भुगतान की समीक्षा कर विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं और एजेंसियों के भुगतान को प्राथमिकता दी गई। इसके बाद संसाधन और श्रमिक बढ़ाकर मंदिर परिसर में चल रहे कार्यों को गति दी गई है।
प्रवेश द्वार से ऑडिटोरियम तक काम में तेजी
राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें प्रवेश द्वार, ऑडिटोरियम और नए ट्रस्ट कार्यालय सहित अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं।
गेट नंबर तीन को जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं ऑडिटोरियम तैयार होने के बाद धार्मिक, सांस्कृतिक और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा मिलेगी। नए ट्रस्ट कार्यालय से प्रशासनिक कार्यों को भी अधिक व्यवस्थित करने की योजना है।
लंबित भुगतान के कारण कुछ समय से इन कार्यों की गति प्रभावित हुई थी। भुगतान होने के बाद संबंधित संस्थाओं ने निर्माण स्थल पर संसाधन बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।
करीब 400 कर्मचारी विभिन्न व्यवस्थाओं में जुटे
मंदिर परिसर में निर्माण और विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़ी एजेंसियों के करीब 400 कर्मचारी कार्यरत बताए जा रहे हैं। निर्माण एजेंसियों के साथ सफाई और अन्य सेवाओं से जुड़े भुगतान भी व्यवस्था में बदलाव के दौरान प्रभावित हुए थे।
सीता रसोई में गैस आपूर्ति करने वाली फर्म का भी करीब 17 लाख रुपये का भुगतान लंबित था। ट्रस्ट की नई वित्तीय व्यवस्था के तहत ऐसे लंबित भुगतानों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है। ट्रस्ट में खर्च की निगरानी के लिए नए कोषाध्यक्ष की ओर से अतिरिक्त वित्तीय निगरानी व्यवस्था भी शुरू की गई है।
राम मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए बनेंगी अलग-अलग समितियां
राम मंदिर की व्यवस्थाओं को नए सिरे से व्यवस्थित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। सीईओ जितेंद्र मिश्र ने ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठक कर मंदिर परिसर की मौजूदा व्यवस्थाओं और सुविधाओं की समीक्षा की है। अधिकारियों और कर्मचारियों से भी कार्यप्रणाली की जानकारी ली जा रही है।
यात्री सुविधाओं, प्रसाद, परिक्रमा, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियां गठित किए जाने की तैयारी है। सीईओ की भूमिका में जितेंद्र मिश्र इन व्यवस्थाओं के संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके अधिकार और कार्यक्षेत्र को स्पष्ट करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी तैयार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
रोज बदलेगा रामलला का प्रसाद
राम मंदिर में श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले प्रसाद की व्यवस्था में भी बदलाव की तैयारी है। प्रसाद समिति गठित कर प्रसाद की गुणवत्ता, स्वरूप और प्रतिदिन दिए जाने वाले प्रसाद का निर्धारण किया जाएगा।
योजना के तहत श्रद्धालुओं को हर दिन अलग-अलग प्रकार का प्रसाद उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। विशेष पर्वों और धार्मिक अवसरों के लिए विशेष प्रसाद की व्यवस्था भी समिति तय करेगी। सीता रसोई में प्रसाद वितरण की व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
राम मंदिर परिसर के सभी मंदिरों की होगी नित्य परिक्रमा
रामलला के मुख्य मंदिर के साथ परिसर में निर्मित अन्य मंदिरों को भी जोड़ते हुए नित्य परिक्रमा की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए परिक्रमा समिति गठित की जाएगी।
समिति यह तय करेगी कि साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए परिक्रमा मार्ग किस प्रकार व्यवस्थित किया जाए, जिससे धार्मिक परंपरा का पालन होने के साथ श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन और दर्शन की सुविधा मिल सके।
निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी पर भी जोर
लंबित भुगतान निपटाने के साथ ही निर्माण कार्यों की निगरानी भी तेज की जा रही है। ट्रस्ट की प्राथमिकता अधूरे और लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के साथ निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखना है।
राम मंदिर ट्रस्ट में हाल में हुए व्यापक प्रशासनिक बदलाव के बाद अब वित्तीय निगरानी, मंदिर संचालन और श्रद्धालु सुविधाओं को एकीकृत व्यवस्था के तहत मजबूत करने की कवायद चल रही है। ट्रस्ट ने नए सीईओ की नियुक्ति के साथ संचालन को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।